खानपुर बड़ौदा। क्षेत्र में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान भक्ति की अविरल धारा बह रही है, जिसमें शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। कथा व्यास आचार्य अशोक दीक्षित ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भक्ति की अनेक धाराएं हैं और मनुष्य का जिस भी मार्ग में मन एकाग्र हो जाए, वही उसके कल्याण का साधन बन सकता है। उन्होंने अपने प्रवचनों में जीवन को सार्थकता प्रदान करने के मंत्र देते हुए स्पष्ट किया कि यदि जीवन में विश्वास हो तो वह प्रह्लाद जैसा अडिग होना चाहिए और समर्पण हो तो वह राजा बलि के समान निस्वार्थ होना चाहिए।

कथा के दौरान आचार्य ने भक्तों को ईश्वर प्रदत्त श्रेष्ठ गुणों, संसाधनों और क्षमताओं का उपयोग समाज, ईश्वर एवं आश्रित प्राणियों के हित में करने का आह्वान किया। उन्होंने इसे ही सच्ची भक्ति की संज्ञा दी। आज के कथा सत्र में भक्त ध्रुव और प्रह्लाद के चरित्रों का मार्मिक वर्णन किया गया। इसके साथ ही समुद्र मंथन एवं भगवान के वामन अवतार के प्रसंगों ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा स्थल पर नरसिंह भगवान और वामन भगवान की मनमोहक झांकियां सजाई गई, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

आयोजक सूरज सिंह के सानिध्य में संपन्न हो रही इस कथा के प्रति स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है। श्रद्धालुओं का मानना है कि आचार्य जिस सरल और सुबोध भाषा में भागवत के गूढ़ संदेशों को वर्तमान जीवन की सुख-समृद्धि से जोड़कर समझा रहे हैं, वह अत्यंत प्रभावशाली है। विशेषकर महिलाओं के लिए जीवन को सुखी और सरल बनाने के सूत्र अत्यंत प्रेरणादायी सिद्ध हो रहे हैं। कल आयोजित होने वाले भगवान के जन्मोत्सव की तैयारियों को लेकर भी आयोजक परिवार ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पधारने का विनम्र आग्रह किया है।

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Pratahkal Newsroom

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