खण्डार (सवाई माधोपुर)। राजस्थान पुलिस के विशेष 'साइबर अभियान' के तहत सवाई माधोपुर जिले की खण्डार थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के एक महत्वपूर्ण मोहरे को दबोच लिया है। पुलिस ने कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी गौरव चौधरी को गिरफ्तार किया है, जिसके खाते से मात्र कुछ समय के भीतर 2 करोड़ 71 लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन पाया गया है। यह कार्यवाही पुलिस महानिरीक्षक भरतपुर रेंज कैलाश विश्नोई और पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर अनिल बेनीवाल के कड़े निर्देशों के बाद अमल में लाई गई, जिससे संगठित साइबर अपराध जगत में हड़कंप मच गया है।

इस पूरे प्रकरण का खुलासा तब हुआ जब पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देशानुसार राज्य स्तर पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह मीना और वृत्ताधिकारी ग्रामीण हंसराज बैरवा के कुशल पर्यवेक्षण में थानाधिकारी लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व वाली टीम 'म्यूल अकाउंट्स' यानी किराए के बैंक खातों की सघन जांच कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को एक ऐसे बैंक खाते का पता चला जिसमें 2,71,24,317 रुपये की भारी-भरकम राशि जमा की गई थी। जब इस खाते की गहराई से पड़ताल की गई, तो देशव्यापी साइबर क्राइम पोर्टल '1930' पर इसके विरुद्ध कुल 14 शिकायतें दर्ज मिलीं। ये शिकायतें जॉब फ्रॉड, टेलीग्राम इन्वेस्टमेंट स्कीम और अन्य डिजिटल धोखाधड़ी से जुड़ी थीं।

तफ्तीश के तार जब गोठा थाना खण्डार निवासी हरिमोहन जाट के पुत्र गौरव चौधरी से जुड़े, तो पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे करते हुए बताया कि उसने जून 2024 में अपने एक करीबी मित्र के बहकावे में आकर महज 10 हजार रुपये प्रति माह के कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर ठगों को किराए पर दे दिया था। इस खाते का उपयोग करके शातिर ठगों ने देशभर के मासूम लोगों को डिजिटल अरेस्ट, डमी मैसेज, लॉस कवर और मनी हेल्प जैसे झांसे देकर उनके साथ लाखों की लूट की। आरोपी ने स्वीकार किया कि गिरोह के सदस्य सर्विस चार्ज और जीएसटी के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठते थे और उन रुपयों को इसी म्यूल अकाउंट में मंगवाया जाता था।

इस महत्वपूर्ण कार्यवाही को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाधिकारी लक्ष्मण सिंह के साथ हेड कांस्टेबल अमरचन्द, कांस्टेबल महेन्द्र, मुलाराम, विजयपाल, ओमप्रकाश और जितेन्द्र ने सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस अब गौरव चौधरी के उन साथियों की तलाश में जुटी है, जो इस पूरे संगठित गिरोह का संचालन कर रहे थे। पुलिस की यह कार्यवाही उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो चंद रुपयों के लालच में अपने दस्तावेज या बैंक खाते अपराधियों को सौंप देते हैं। यह गिरफ्तारी न केवल एक अपराधी की पकड़ है, बल्कि उस जटिल नेटवर्क पर करारा प्रहार है जो डिजिटल दुनिया के अंधेरे कोनों से आम जनता की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहा है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story