रिश्तों की असली मजबूती धन-दौलत नहीं, बल्कि संस्कार, सम्मान और पारिवारिक मूल्यों से होती है। इस सोच को साकार करते हुए केकड़ी में आयोजित तिलक दस्तूर समारोह समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बन गया। वधु पक्ष द्वारा परंपरा के निर्वहन के तहत 21 लाख रुपये नकद एवं चांदी का सिक्का नजराने के रूप में भेंट किया गया, लेकिन वर पक्ष ने केवल चांदी का एक कलदार स्वीकार करते हुए पूरी 21 लाख रुपये की राशि सम्मानपूर्वक लौटा दी। इस पहल ने सादगीपूर्ण विवाह और दहेजमुक्त समाज का सशक्त संदेश दिया।

केकड़ी निवासी महावीर सिंह तोमर की पौत्री, संजय सिंह तोमर की पुत्री एवं विजय सिंह तोमर की भतीजी पूजा कंवर का रिश्ता गंगापुर सिटी निवासी नन्नू सिंह नरूका तथा गंगापुर सिटी नगर पालिका की पूर्व चेयरमैन गीता देवी नरुका के पौत्र एवं दीपक सिंह नरूका के पुत्र अनुज सिंह के साथ तय हुआ है। शनिवार को केकड़ी में सगाई एवं तिलक दस्तूर समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें दोनों परिवारों के परिजन, रिश्तेदार और समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

तिलक दस्तूर की रस्म के दौरान वधु पक्ष ने परंपरानुसार वर पक्ष को 21 लाख रुपये नकद एवं चांदी का सिक्का नजराने के रूप में भेंट किया। हालांकि, वर पक्ष के नन्नू सिंह नरूका एवं दीपक सिंह नरूका परिवार ने केवल एक चांदी का कलदार स्वीकार करते हुए शेष 21 लाख रुपये की पूरी राशि लौटा दी।

नरूका परिवार के इस निर्णय की समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने मुक्तकंठ से सराहना की। उपस्थित लोगों ने कहा कि आज जब विवाह समारोहों में दहेज और अनावश्यक खर्च सामाजिक चिंता का विषय बने हुए हैं, ऐसे समय में यह पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। परिवार ने अपने निर्णय से स्पष्ट संदेश दिया कि रिश्तों का आधार धन नहीं, बल्कि संस्कार, सम्मान और पारिवारिक मूल्य होने चाहिए।

समारोह में इस निर्णय की व्यापक प्रशंसा हुई। समाज के प्रबुद्धजनों ने इसे नई पीढ़ी के लिए अनुकरणीय पहल बताते हुए सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। समारोह में अर्जुन सिंह कुशवाह, सहदेव सिंह कुशवाह (बिजयनगर), भीम सिंह कुशवाह (बिजयनगर), शंकर सिंह (सरवाड़), शिव सिंह (पिपरौली), भूपेन्द्र सिंह (सावर), रोबिन सिंह (टांकावास), अंबिका चरण सिंह (कालेड़ा), गोपाल सिंह (कादेडा), वीरभद्र सिंह (बघेरा), महेन्द्र सिंह (ठोस), शक्ति सिंह (हरपुरा), शक्ति सिंह गोड़ (पारा), बलवीर सिंह सापंदा (सरपंच), भरत सिंह सापंदा, होनहार सिंह सापंदा (प्रधान), भगवान सिंह, भंवर चेतन सिंह (बिलिया), जसवंत सिंह (डोराई), भंवर सिंह (देवगांव), देवव्रत सिंह (डोराई), प्रभाकरण सिंह (बिसुन्दनी), गजेन्द्र सिंह (सुनारिया), जयदीप सिंह (गोयला), चन्द्रवीर सिंह (कनोज) तथा गोपाल सिंह (पिपरोली) सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन, वरिष्ठ नागरिक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

नरूका परिवार की यह पहल न केवल सादगीपूर्ण विवाह की मिसाल बनी, बल्कि दहेज जैसी सामाजिक कुप्रथा के विरुद्ध एक सकारात्मक और प्रेरक संदेश के रूप में भी सामने आई, जिसकी समारोह में व्यापक सराहना हुई।

Pratahkal Bureau

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