करौली में वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से किए गए औचक निरीक्षण में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, करौली के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश, करौली प्रताप सिंह मीना ने 13 जुलाई को करौली स्थित विवेक वर्धनी शिक्षा एवं मनोविकास सेवा समिति द्वारा संचालित वृद्धाश्रम का औचक विजिट किया।

निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम में केवल 02 कर्मचारी उपस्थित पाए गए। सचिव द्वारा कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर की जांच करने पर पाया गया कि रजिस्टर में दिनांक 14 जुलाई को किसी भी कर्मचारी द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए गए थे। वहीं वृद्धजन उपस्थिति रजिस्टर में 23 वृद्धजनों के नाम अंकित मिले, लेकिन निरीक्षण के समय केवल 07 वृद्धजन उपस्थित पाए गए, जिनमें 03 महिला एवं 04 पुरुष शामिल थे।

वृद्धजन उपस्थिति रजिस्टर की जांच में सामने आया कि दिनांक 13 जुलाई को केवल प्रातःकाल की उपस्थिति दर्ज की गई थी, जबकि दिनांक 14 जुलाई को किसी भी वृद्धजन की उपस्थिति दर्ज नहीं थी। वृद्धजन मूवमेंट रजिस्टर की जांच करने पर उसमें दिनांक 13 जुलाई का आखिरी इंद्राज पाया गया।

अनुपस्थित वृद्धजनों के संबंध में जानकारी लेने पर गृह में उपस्थित केयर टेकर शंकर सैन द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके अलावा आवक-जावक रजिस्टर में आखिरी इंद्राज 12 जुलाई का मिला। निरीक्षण के दौरान अल्पाहार रजिस्टर और पोषाहार रजिस्टर में आखिरी इंद्राज दिनांक 09 जुलाई का दर्ज पाया गया, जबकि वृद्धजनों को दिए जाने वाले सामान रजिस्टर में आखिरी इंद्राज दिनांक 07 जुलाई का मिला।

निरीक्षण में वृद्धाश्रम की साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां सामने आईं। वृद्धाश्रम में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं पाया गया। वहीं वृद्धाश्रम के पीछे बने शौचालय तक जाने वाले रास्ते पर रेलिंग नहीं लगी हुई थी, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। इस संबंध में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पूर्व में भी दिशा-निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक रेलिंग नहीं लगवाई गई।

निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम में जगह-जगह टूट-फूट भी पाई गई। खिड़कियां और दरवाजे सही अवस्था में नहीं मिले। पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद इन कमियों को दूर नहीं करवाया गया था। वृद्धाश्रम में वृद्धजनों के नामांकन के अनुसार पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई है और केवल खानापूर्ति की जा रही है।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निजी सहायक मानवेंद्र सिंह एवं सहायक कर्मचारी सुरेंद्र वर्मा उपस्थित रहे। निरीक्षण में सामने आई व्यवस्थागत कमियों को देखते हुए वृद्धाश्रम संचालन और वृद्धजनों की देखभाल व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

नाम: मदन मोहन गर्ग

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)

कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला

बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र

परिचय 

मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:

  • बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
  • एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)

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