करौली में शिक्षा विभाग पर गाज: जिला कलक्टर का सख्त रुख, 61 प्रधानाचार्यों और डाईट प्रिंसिपल समेत कई अधिकारियों पर गिरी कार्रवाई की बिजली
करौली जिला कलक्टर ने शिक्षा विभाग की बैठक में बड़ी कार्रवाई करते हुए 61 प्रधानाचार्यों और डाईट प्रिंसिपल को 17 सीसीए के तहत चार्जशीट देने के निर्देश दिए हैं। आधार अपडेशन में लापरवाही और मिशन स्टार्ट में विफल रहने पर 5 सीबीईओ को भी नोटिस जारी किया गया है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासन के इस कड़े कदम से जिले के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

करौली। राजस्थान के करौली जिले में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने और प्रशासनिक शिथिलता को समाप्त करने के लिए जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। बुधवार को जिला कलक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जिला निष्पादन समिति की बैठक उस समय हड़कंप में बदल गई, जब कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और संस्था प्रधानों की लंबी सूची पर गाज गिरी। एक ओर जहां जिला कलक्टर ने जिले को राज्य रैंकिंग में पांचवें स्थान पर लाने के लिए पीठ थपथपाई, वहीं दूसरी ओर आधार अपडेशन और शाला सम्बलन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कोताही बरतने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही का चाबुक चलाकर स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल प्रसाद मीना ने बैठक के विवरण की जानकारी देते हुए बताया कि जिला कलक्टर ने आधार कार्ड अपडेशन में अत्यंत कम उपलब्धि दर्ज करने वाले जिले के 61 प्रधानाचार्यों को राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम 17 सीसीए के तहत चार्जशीट थमाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की यह सख्ती केवल प्रधानाचार्यों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि मिशन स्टार्ट कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में विफल रहने पर पांच मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस की जद में आने वाले अधिकारियों में मासलपुर के सीबीईओ प्रभुदयाल बैरबा, सपोटरा के लखन लाल मीना, नादौती के कमलराम मीना, मण्डरायल के मुकेश मीना और टोडाभीम की श्रीमती आशा गुप्ता शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों को पोर्टल पर समयबद्ध डेटा अपडेट सुनिश्चित करने के लिए अंतिम चेतावनी दी गई है।
कार्यवाही का सिलसिला यहीं नहीं रुका। डाईट (DIET) करौली की कार्यप्रणाली पर भी जिला कलक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। शाला सम्बलन के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति न करने पर डाईट प्रधानाचार्य के विरुद्ध भी नियम 17 सीसीए के तहत कार्यवाही प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के विद्यार्थी तक पहुंचना अनिवार्य है। उन्होंने शिक्षक ऐप के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों की शत-प्रतिशत दैनिक उपस्थिति शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। आगामी बोर्ड परीक्षाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है, जिसके तहत कलक्टर ने पूरी निगरानी और सावधानी के साथ परीक्षा आयोजन के निर्देश दिए। साथ ही, शिक्षा के मंदिरों को भू-माफियाओं से मुक्त कराने के लिए सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को उपखण्ड अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अतिक्रमण हटाने के सख्त आदेश दिए गए हैं।

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