सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, करौली द्वारा शिशु पालना गृह एवं राजकीय किशोर एवं संप्रेषण गृह का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

नवजात शिशुओं के मिलने का घटनाक्रम

दिनांक 03 जनवरी 2026 को अग्रसेन कॉलेज, बरगमा रोड़ हिण्डौन सिटी में लावारिस अवस्था में नवजात बालिका मिली थी, जिसका राजकीय सामान्य चिकित्सालय, करौली में ईलाज करवाकर बालिका को राजकीय विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी, करौली में प्रवेशित कराया गया था। इसके उपरांत दिनांक 16 फरवरी 2026 को शिशु पालना गृह, करौली में दूसरी नवजात बालिका पाई गई, जिसे राजकीय विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी, करौली में प्रवेशित कराया जाकर उपचार एवं स्वास्थ्य लाभ हेतु राजकीय सामान्य चिकित्सालय, करौली में भर्ती कराया गया। बालिका को राजकीय सामान्य चिकित्सालय से डिसचार्ज किया गया एवं बालिका को चिकित्सालय से राजकीय विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी, करौली ले जाया गया। दिनांक 05 मार्च 2026 को टोडाभीम तहसील के गांव डोरावली के एक खेत में लावारिस अवस्था में नवजात बालक मिला, जिसका राजकीय सामान्य चिकित्सालय, करौली में ईलाज चल रहा है।

आमजन से सुरक्षित परित्याग की अपील

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, करौली की सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ममता चौधरी द्वारा आमजन से यह अपील की गई है कि "यदि उन्हें लावारिस नवजात बच्चा मिले तो उन्हें फेंके नहीं अपितु करौली में राजकीय सामान्य चिकित्सालय, करौली एवं राजकीय किशोर एवं संप्रेषण गृह, करौली में संचालित पालना गृह एवं हिण्डौन में जिला चिकित्सालय, हिण्डौन में संचालित पालना गृह में छोड़ जावें। जहां ऐसे नवजात बच्चों का ध्यान रखा जाता है।" साथ ही सचिव द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि किसी भी अनचाहे शिशु को कचरे के ढेर में, खेतों में या जंगल में, असुरक्षित स्थानों पर नहीं फेंके बल्कि इस पालना गृह में सुरक्षित परित्याग करें।

गोपनीयता और सुरक्षित भविष्य का भरोसा

सचिव ममता चौधरी ने स्पष्ट किया कि "अनचाहे नवजात शिशु का सुरक्षित भविष्य बिना पहचान बताए पालने में छोड़ जाएं। परिवाद करने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जावेगी।"

राजकीय गृहों का निरीक्षण एवं निर्देश

साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, करौली की सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ममता चौधरी द्वारा राजकीय किशोर एवं संप्रेषण गृह, करौली का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान गृह में निवासरत विधि से संघर्षरत बालकों से वार्ता कर उन्हें मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। साथ ही राजकीय विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी में कार्यरत स्टाफ से एजेंसी में निवासरत बालिकाओं की कुशल क्षेम जानी गई एवं दत्तक ग्रहण एजेंसी में कार्यरत स्टाफ को बालिका का विशेष रूप से ध्यान रखने हेतु निर्देशित किया।

Pratahkal Bureau

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