करौली जिला स्तरीय जनसुनवाई: कलेक्टर अक्षय गोदारा ने मौके पर किया 6 प्रकरणों का निस्तारण
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में कुल 31 परिवाद प्राप्त हुए, जहां जिला कलेक्टर ने संपर्क पोर्टल पर लंबित मामलों को 7 दिन में निपटाने के निर्देश दिए।

करौली। प्रदेश के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं संवेदनशील वातावरण में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु करौली में प्रशासनिक सक्रियता का बड़ा उदाहरण देखने को मिला। त्रि-स्तरीय व्यवस्था के तहत माह के तृतीय गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनसुनवाई एवं सतर्कता समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जहाँ पीड़ितों की पुकार पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने सख्त लहजे में निर्देशित किया कि अधिकारी जनसुनवाई, रात्रि चौपाल और राजस्थान संपर्क पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता के साथ करें ताकि जमीनी स्तर पर परिवादियों को वास्तविक लाभ मिले और उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने विशेष रूप से रास्ते व भूमि संबंधी विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने पर जोर दिया, जिससे आमजन को कोर्ट-कचहरी की लंबी प्रक्रिया और उससे होने वाली आर्थिक हानि से बचाया जा सके। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर 90 से 180 दिन के लंबित प्रकरणों, मुख्यमंत्री कार्यालय, संभाग कार्यालय एवं मानवाधिकार आयोग से प्राप्त शिकायतों का अधिकारी मात्र 7 दिन के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सभी प्रकरणों को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करें और लंबित मामलों की तथ्यात्मक रिपोर्ट तय समय सीमा में जिला मुख्यालय भिजवाएं।
इस दौरान जिला कलक्टर ने एक-एक कर परिवादियों की समस्याएं सुनीं और कई प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करते हुए मौके पर ही राहत दिलाई। लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने औसत निस्तारण समय में कमी लाने और परिवादियों के संतुष्टि स्तर में सुधार करने के कड़े निर्देश दिए। बैठक के प्रारंभिक चरण में सतर्कता समिति के पुराने प्रकरणों की भी गहन समीक्षा की गई। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 31 परिवाद प्राप्त हुए, जिनमें से 6 गंभीर प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इन शिकायतों में मुख्य रूप से अतिक्रमण हटाने, सिलीकोसिस पेंशन, पत्थरगढी, सीमाज्ञान, प्रधानमंत्री आवास योजना, तकास्मा, बिल्डिंग प्लान अनुमति, पालनहार योजना, ई-मित्रों का भुगतान और आम रास्ते से जुड़े विवाद शामिल थे। इसके अतिरिक्त राजस्व, पंचायती राज, चिकित्सा, पुलिस, समाज कल्याण एवं नगर परिषद से संबंधित शिकायतों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
इस उच्चस्तरीय जनसुनवाई में जिला कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर हेमराज परिडवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी लखन सिंह, पीएचईडी के अधीक्षण अभियन्ता प्रकाश चन्द मीणा, कृषि विभाग के उप निदेशक धर्मसिंह मीणा, कोषाधिकारी अवधेश शर्मा, उप जिला कलेक्टर प्रेमराज मीणा तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेन्द्र कुमार मीणा सहित समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस कवायद ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण न्याय प्रदान करना है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
