करौली: रतियापुरा में जिला कलक्टर की रात्रि चौपाल, समस्याओं का मौके पर समाधान और वी़डीओ को सख्त निर्देश
करौली के रतियापुरा में जिला कलक्टर नीलाभ सक्सेना की अध्यक्षता में आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। कलक्टर ने ग्राम विकास अधिकारी को तीन दिन अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिए और पेयजल व सड़क संबंधी शिकायतों के 15 दिन में निस्तारण का अल्टीमेटम दिया। प्रशासन की इस संवेदशील पहल ने ग्रामीणों को बड़ी राहत पहुँचाई है।

करौली। प्रशासन की मंशा जब आमजन के द्वार तक पहुँचने की हो, तो व्यवस्थाएँ न केवल बदलती हैं बल्कि जनता का विश्वास भी मज़बूत होता है। राजस्थान के करौली जिले में कुछ ऐसा ही नज़ारा मंगलवार की रात मासलपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत रतियापुरा में देखने को मिला, जहाँ जिला कलक्टर नीलाभ सक्सेना की अध्यक्षता में आयोजित 'रात्रि चौपाल' ने ग्रामीणों की उम्मीदों को नई उड़ान दी। सर्द रात में मशाल की रोशनी और प्रशासनिक तत्परता के बीच आयोजित इस जनसुनवाई में कलक्टर ने न केवल ग्रामीणों की पीड़ा को संवेदनशीलता से सुना, बल्कि व्यवस्थाओं में ढिलाई बरतने वालों को सख्त हिदायत देते हुए मौके पर ही निस्तारण के आदेश पारित किए।
जनसुनवाई के दौरान रतियापुरा के ग्रामीणों ने अपनी बुनियादी समस्याओं का पिटारा खोल दिया। जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की बदहाली, पेयजल संकट, नए पट्टे जारी करने में हो रही देरी और एनएफएसए सूची में नाम जुड़वाने जैसी दर्जनों शिकायतें कलक्टर के समक्ष आईं। जिला कलक्टर नीलाभ सक्सेना ने प्रत्येक परिवादी की बात को धैर्यपूर्वक सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने एक प्रमुख समस्या ग्राम विकास अधिकारी (VDO) के रिक्त पद को लेकर उठाई, जिस पर कलक्टर ने तत्काल प्रभाव से समाधान निकालते हुए संबंधित अधिकारी को सप्ताह में तीन दिन—सोमवार, मंगलवार और बुधवार को रतियापुरा पंचायत में अनिवार्य रूप से सेवाएँ देने के निर्देश दिए ताकि विकास कार्य बाधित न हों।
प्रशासनिक मुस्तैदी को और धार देते हुए कलक्टर ने स्पष्ट किया कि सम्पर्क पोर्टल और रात्रि चौपाल में प्राप्त लंबित प्रकरणों का निस्तारण आगामी 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। पेयजल संकट पर गंभीर रुख अपनाते हुए उन्होंने पीएचईडी विभाग को निर्देश दिए कि पानी की एक-एक बूंद के लिए ग्रामीण परेशान न हों। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को मौसमी बीमारियों के प्रति सतर्क रहने और अस्पतालों में पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने की हिदायत दी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी लाखन सिंह और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेन्द्र कुमार मीना सहित विभिन्न विभागों के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। यह रात्रि चौपाल केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि रतियापुरा के ग्रामीणों के लिए न्याय और सुशासन का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरी, जिसने प्रशासनिक जवाबदेही की एक नई इबारत लिखी है।

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