करौली। प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और गतिशीलता लाने के ध्येय के साथ जिला कलक्टर नीलाभ सक्सेना ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा व समन्वय समिति की बैठक में कड़ा रुख अख्तियार किया। आमजन की समस्याओं के निस्तारण में देरी को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने न केवल लापरवाह अधिकारियों को आड़े हाथों लिया, बल्कि व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए 'राज उन्नति पोर्टल' को ढाल बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक का माहौल उस वक्त और भी गंभीर हो गया जब कलक्टर ने स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाने में किसी भी स्तर पर होने वाली देरी अक्षम्य होगी।

बैठक की शुरुआत करते हुए जिला कलक्टर ने कृषि, सड़क, ई-फाइलिंग, नगरीय व ग्रामीण स्वच्छता और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों की प्रगति रिपोर्ट का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक लहजे में हिदायत दी कि एमजेएमएस पोर्टल, बजट घोषणाएं और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की अद्यतन जानकारी 'राज उन्नति पोर्टल' पर अविलंब दर्ज की जाए। विशेष रूप से संपर्क पोर्टल, मुख्यमंत्री कार्यालय और लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों से प्राप्त प्रकरणों के साथ-साथ 90 दिनों से अधिक समय से लंबित परिवादों को समय सीमा के भीतर निपटाने का आदेश दिया गया। कलक्टर का जोर केवल निस्तारण पर ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और आमजन की संतुष्टि पर भी रहा।

प्रशासनिक अनुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में कलक्टर ने नगरपालिका टोडाभीम, सपोटरा और मंडरायल के अधिशासी अधिकारियों (ईओ) की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की। प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण और रिपोर्ट उच्च स्तर पर न भेजने के कारण उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों को चार्जशीट थमाने से गुरेज नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, आगामी 26 जनवरी को मुंशी त्रिलोकचन्द माथुर स्टेडियम में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई, जहाँ उन्होंने समारोह को गरिमापूर्ण और हर्षोल्लास के साथ मनाने हेतु अधिकारियों को उनके उत्तरदायित्व सौंपे।

जिले की बुनियादी सुविधाओं पर चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि भीषण सर्दी और आगामी परिस्थितियों को देखते हुए पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन दूरस्थ क्षेत्रों की पहचान करने को कहा जहाँ जलापूर्ति बाधित है, ताकि वहां नियमित परिवहन के माध्यम से पानी पहुँचाया जा सके। स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि राजकीय अस्पतालों में दवाओं की कोई कमी न रहे और बीमारियों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि जनता निजी अस्पतालों के बजाय राजकीय केंद्रों पर भरोसा जता सके। वहीं विद्युत विभाग को उपकरणों की नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश दिए गए।

इस उच्चस्तरीय बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिडवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवचरण मीना, डीएफओ सुमित बंसल और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेन्द्र मीना सहित जिले के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे। कलक्टर के इन कड़े निर्देशों ने स्पष्ट कर दिया है कि करौली जिला प्रशासन अब 'एक्शन मोड' में है और सरकारी योजनाओं की प्रगति में बाधा बनने वाली किसी भी शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Pratahkal Newsroom

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