करौली: भीषण गर्मी में पेयजल संकट पर सख्त हुए कलेक्टर अक्षय गोदारा, दिए कड़े निर्देश
जिला कलेक्टर ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जल आपूर्ति, बजट घोषणाओं और सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की; लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी।

करौली कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा (मध्य में) अधिकारियों को निर्देश देते हुए।
राजस्थान के करौली जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को साप्ताहिक समीक्षा व समन्वय समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने आगामी भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रशासनिक मुस्तैदी के कड़े निर्देश दिए। बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि गर्मी के इस मौसम में आमजन को पेयजल की किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने सख्त लहजे में आगाह किया कि जल आपूर्ति सुनिश्चित करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने बजट घोषणा, कृषि, सड़क निर्माण, संपर्क पोर्टल, ई-फाइलिंग, नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों की स्वच्छता, और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने आशान्वित जिले के विभिन्न इंडिकेटरों के साथ-साथ गर्मी में पशुओं के लिए चारे एवं पानी की व्यवस्था सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने जल आपूर्ति से संबंधित उपकरणों के नियमित रखरखाव, तकनीकी बाधाओं को दूर करने हेतु निरंतर मॉनिटरिंग और मांग के अनुरूप पेयजल टैंकरों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए। साथ ही, पेंशन प्रकरणों का शत-प्रतिशत सत्यापन, 'हरियालो राजस्थान' के तहत कार्ययोजना निर्माण, एमपी-एमएलए लैड कार्यों की यूसीसीसी भिजवाने और ढीले विद्युत तारों को टाइट कर नियमित बिजली आपूर्ति के निर्देश भी जारी किए गए।
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया गया कि सड़कों से संबंधित विकास कार्यों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। इसके अतिरिक्त चिकित्सा, सहकारिता, स्वायत्त शासन, परिवहन, समाज कल्याण, पुलिस, उच्च शिक्षा और पशुपालन जैसे प्रमुख विभागों की बजट घोषणाओं की भी गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संपर्क पोर्टल, मुख्यमंत्री कार्यालय, लोकायुक्त, मानवाधिकार आयोग और संभागीय आयुक्त कार्यालय से प्राप्त प्रकरणों के साथ-साथ जनसुनवाई एवं रात्रि चौपालों में प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर बल दिया। विशेषकर 90 दिन से अधिक लंबित परिवादों का समय सीमा से पूर्व निस्तारण कर रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिड़वाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी लखन सिंह, एडीपीसी एवं कार्यवाहक उपखण्ड अधिकारी मण्डरायल अनिल कुमार जैन तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेन्द्र मीना सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक जिले में जनहित के कार्यों की गति तेज करने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में अत्यंत निर्णायक साबित हुई है।

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