देवगुरु बृहस्पति 31 अक्टूबर को सिंह राशि में करेंगे प्रवेश, जानें 12 राशियों पर गोचर का प्रभाव
देवगुरु बृहस्पति 31 अक्टूबर 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। जानिए टोंक के ज्योतिषाचार्य बाबूलाल शास्त्री के अनुसार गुरु गोचर का 12 राशियों पर प्रभाव, शुभ संकेत, सावधानियां और बताए गए उपाय।

देवगुरु बृहस्पति का 31 अक्टूबर 2026 को सिंह राशि में प्रवेश होने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष में गुरु के राशि परिवर्तन को महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना जाता है। इस गोचर का प्रभाव कार्य-व्यवसाय, धन, प्रेम, शिक्षा और पारिवारिक जीवन सहित विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने की मान्यता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, गुरु अपनी उच्च राशि कर्क से निकलकर मित्र राशि सिंह में प्रवेश करेंगे और 24 जनवरी 2027 को पुनः कर्क राशि में लौट आएंगे।
मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान, टोंक के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि देवगुरु बृहस्पति शनिवार, 31 अक्टूबर को दोपहर 12:01 बजे अपनी उच्च राशि कर्क से निकलकर सूर्य के स्वामित्व वाली सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह राशि के मघा नक्षत्र के स्वामी केतु हैं। गुरु इस राशि में प्रवेश करने के बाद वक्री होंगे और 24 जनवरी 2027 को मध्य रात्रि 01:31 बजे पुनः कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद वर्ष के अंत तक कर्क राशि में ही रहेंगे।
बाबूलाल शास्त्री के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति राजा सूर्य की राशि में प्रवेश कर सृष्टि के राजकीय कार्यों की समीक्षा और मंत्रणा करेंगे। गुरु 24 जनवरी 2027 से 13 अप्रैल 2027 को सुबह 07:43 बजे तक वक्री अवस्था में रहेंगे।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 से 24 जनवरी 2027 तक सिंह राशि में गुरु के गोचर से धार्मिक स्थलों, विप्रों, विद्वानों, शास्त्रों के ज्ञाताओं और श्रेष्ठजनों के मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत माने जा रहे हैं। इस दौरान उचित पारितोषिक मिलने की भी संभावना जताई गई है।
बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि गुरु ज्ञान, धर्म, संतान, शिक्षा, धन, विवाह, आध्यात्मिकता और सद्बुद्धि के कारक माने जाते हैं। गुरु के राशि परिवर्तन के दौरान जन्मकुंडली में संबंधित राशि से जुड़े भाव और उसके स्वामित्व के अनुसार जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव के संकेत देखे जाते हैं। सिंह राशि में गुरु के प्रवेश से ऊर्जा, नेतृत्व, प्रतिष्ठा, आत्मविश्वास और राजकीय विषयों पर विशेष ध्यान रहने की मान्यता है। सूर्य की राशि सिंह में गुरु का प्रवेश ज्ञान और नेतृत्व के समन्वय का प्रतीक माना जाता है।
12 राशियों पर गुरु गोचर का प्रभाव
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर पंचम भाव में होगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, विद्यार्थियों को अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं और बौद्धिक विकास के अवसर मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों में समझदारी बढ़ाने और रिश्तों को गंभीरता से आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। संतान से संबंधित मामलों में सकारात्मक प्रगति की उम्मीद की जा सकती है। रचनात्मक कार्यों, लेखन, अध्यापन और परामर्श से जुड़े लोगों को लाभकारी अवसर मिलने के संकेत हैं।
हालांकि, आत्मविश्वास अधिक होने पर व्यक्ति अपनी तैयारी या क्षमताओं का आकलन वास्तविकता से अधिक कर सकता है। विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन बनाए रखना चाहिए। शेयर बाजार, सट्टे या अत्यधिक जोखिम वाले निवेश में धन लगाने से बचने की सलाह दी गई है।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर चतुर्थ भाव में होगा। इस दौरान घर, भूमि, वाहन और घरेलू सुविधाओं से जुड़े विषय सक्रिय हो सकते हैं। परिवार में सुख-सुविधाएं बढ़ाने या घर के नवीनीकरण की योजना बन सकती है। शिक्षा, संपत्ति अथवा पारिवारिक जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। माता और परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ संबंधों को बेहतर बनाने का अवसर भी मिल सकता है।
संपत्ति खरीदते समय कानूनी दस्तावेजों, स्वामित्व और वित्तीय दायित्वों की अच्छी तरह जांच करने की सलाह दी गई है। घर के मामलों में अपनी बात मनवाने की जिद से बचना चाहिए। माता के स्वास्थ्य और पारिवारिक शांति पर ध्यान देना भी जरूरी होगा।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर तृतीय भाव में होगा। इस दौरान संचार, लेखन, मीडिया, मार्केटिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। साहसपूर्वक नई योजनाएं शुरू करने की प्रेरणा मिल सकती है। भाई-बहनों, सहकर्मियों और परिचितों के माध्यम से सहयोग मिलने की संभावना है। छोटे व्यावसायिक प्रयासों और कौशल विकास पर ध्यान देने से लाभ मिल सकता है।
हालांकि, जल्दबाजी में निर्णय लेने और अधूरे वादे करने से बचना चाहिए। किसी नए प्रोजेक्ट में समय, धन और जिम्मेदारियों का स्पष्ट आकलन करने की सलाह दी गई है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर द्वितीय भाव में होगा। इस दौरान धन संचय, बचत और पारिवारिक वित्तीय योजनाओं पर ध्यान देने की जरूरत रहेगी। वाणी, अध्यापन, परामर्श और ज्ञान आधारित कार्यों से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार के साथ आर्थिक लक्ष्यों पर चर्चा करने और भविष्य की योजनाएं बनाने के लिए समय अनुकूल हो सकता है। पारिवारिक परंपराओं और धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ने के संकेत भी हैं।
आय बढ़ने की उम्मीद में अनावश्यक खर्च बढ़ाने से बचने की सलाह दी गई है।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर प्रथम भाव में होगा। इस दौरान व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा को निखारने के अवसर मिल सकते हैं। नेतृत्व, अध्यापन, प्रबंधन और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए नई संभावनाएं बन सकती हैं। आध्यात्मिक अध्ययन, ज्ञान-विस्तार और दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान बढ़ सकता है। अपनी योग्यता और अनुभव के आधार पर नई जिम्मेदारियां लेने का अवसर भी मिल सकता है।
हालांकि, अत्यधिक आत्मविश्वास अहंकार में बदल सकता है। दूसरों की राय को महत्व देने और हर परिस्थिति में स्वयं को सही साबित करने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गई है।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर द्वादश भाव में होगा। इस दौरान आध्यात्मिक साधना, ध्यान, एकांत में अध्ययन और आत्मचिंतन के प्रति रुचि बढ़ सकती है। विदेश यात्रा, विदेशी संस्थाओं या दूरस्थ कार्यों से जुड़े अवसर सामने आ सकते हैं। सेवा, परोपकार और धार्मिक कार्यों में समय देने की प्रेरणा मिल सकती है। पुराने मानसिक बोझ और अधूरे कार्यों की समीक्षा करने का अवसर भी मिल सकता है।
अनियोजित खर्च बजट को प्रभावित कर सकते हैं। यात्रा, शिक्षा, दान और अन्य आवश्यकताओं के लिए पहले से वित्तीय योजना बनाने की सलाह दी गई है।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर एकादश भाव में होगा। इस दौरान आय के नए स्रोत तलाशने और पुराने प्रयासों से लाभ प्राप्त करने के अवसर बन सकते हैं। मित्रों, वरिष्ठ सहयोगियों और सामाजिक संपर्कों से उपयोगी सहायता मिल सकती है। लंबे समय से निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में प्रगति हो सकती है। व्यवसाय, सामाजिक संगठनों और सामूहिक परियोजनाओं में नए संपर्क विकसित होने की संभावना है।
मित्रों के साथ आर्थिक लेन-देन में स्पष्टता रखने और केवल बड़े लाभ के वादे पर किसी योजना में धन नहीं लगाने की सलाह दी गई है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर दशम भाव में होगा। इस दौरान करियर, नौकरी, व्यवसाय और सार्वजनिक प्रतिष्ठा से जुड़े विषय प्रमुख हो सकते हैं। नई जिम्मेदारियां मिलने या कार्यक्षेत्र में अपनी योग्यता प्रदर्शित करने के अवसर बन सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों, अनुभवी व्यक्तियों और मार्गदर्शकों से सहयोग मिलने की संभावना है। प्रबंधन, प्रशासन, शिक्षा और नेतृत्व संबंधी कार्यों में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
काम का दबाव बढ़ने पर निजी जीवन और स्वास्थ्य की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। कार्यस्थल पर मतभेदों को शांतिपूर्वक सुलझाने और केवल पद या प्रतिष्ठा के लिए अपनी क्षमता से अधिक जिम्मेदारियां स्वीकार करने से बचने की सलाह दी गई है।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर नवम भाव में होगा। इस दौरान उच्च शिक्षा, शोध, अध्यापन और ज्ञान-विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। धार्मिक यात्राओं, तीर्थाटन और आध्यात्मिक अध्ययन में रुचि बढ़ सकती है। अनुभवी शिक्षकों, गुरुओं और मार्गदर्शकों से सीखने का अवसर मिल सकता है। प्रकाशन, लेखन और ज्ञान आधारित कार्यों में प्रगति की संभावनाएं बन सकती हैं।
अपने विचारों को ही अंतिम सत्य मानने से बचने की सलाह दी गई है। पिता, गुरु या वरिष्ठ व्यक्तियों के साथ वैचारिक मतभेद होने पर संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए। भाग्य के भरोसे प्रयासों में कमी नहीं करनी चाहिए।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर अष्टम भाव में होगा। इस दौरान शोध, गहन अध्ययन, मनोविज्ञान और गूढ़ विषयों के प्रति रुचि बढ़ सकती है। संयुक्त वित्त, बीमा, कर और पैतृक संपत्ति से संबंधित मामलों की समीक्षा करने का अवसर मिल सकता है। आध्यात्मिक साधना और आत्मविश्लेषण के माध्यम से पुराने दृष्टिकोणों में बदलाव आ सकता है। जटिल समस्याओं को धैर्य और सूझबूझ से सुलझाने की क्षमता विकसित हो सकती है।
आर्थिक दस्तावेजों, ऋण, बीमा और संयुक्त संपत्ति से संबंधित मामलों में सावधानी रखने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य की नियमित देखभाल करनी चाहिए और किसी भी लक्षण के आधार पर स्वयं निदान करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। पारिवारिक विवादों में जल्दबाजी से बचना चाहिए।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर सप्तम भाव में होगा। इस दौरान विवाह, साझेदारी और व्यावसायिक संबंधों पर विशेष ध्यान जा सकता है। अविवाहित जातकों को विवाह संबंधी चर्चा आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। व्यापारिक साझेदारी, ग्राहक संबंधों और सार्वजनिक संपर्कों में विस्तार की संभावनाएं बन सकती हैं। जीवनसाथी के साथ साझा लक्ष्यों और भविष्य की योजनाओं पर विचार करने का अवसर मिल सकता है।
साझेदारी में जिम्मेदारियों, निवेश और लाभ के बंटवारे को स्पष्ट रखने की सलाह दी गई है। केवल विश्वास के आधार पर कानूनी या वित्तीय समझौते नहीं करने चाहिए।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर षष्ठम भाव में होगा। इस दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं, नौकरी की तैयारी और नियमित परिश्रम से जुड़े कार्यों पर ध्यान बढ़ सकता है। कार्यस्थल की समस्याओं को व्यवस्थित तरीके से सुलझाने के अवसर मिल सकते हैं। सेवा, स्वास्थ्य सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में रुचि बढ़ सकती है। पुराने ऋणों, दायित्वों और दैनिक कार्यों को व्यवस्थित करने की प्रेरणा मिल सकती है।
ऋण लेकर अनावश्यक खर्च करने से बचने और कार्य तथा आराम के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह दी गई है। पेट, यकृत या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका को देखते हुए जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच कराने की बात कही गई है।
गुरु गोचर के दौरान बताए गए उपाय
वैदिक परंपरा में गुरु ग्रह की शुभता के लिए ज्ञान, सदाचार, गुरु-सम्मान और दान को महत्वपूर्ण माना गया है। गोचर के दौरान श्रद्धापूर्वक कुछ उपाय किए जा सकते हैं।
गुरु मंत्र का जप
प्रतिदिन या गुरुवार के दिन श्रद्धापूर्वक ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः॥’ मंत्र का जप करने की सलाह दी गई है। अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार जप संख्या निर्धारित कर नियमितता और एकाग्रता पर ध्यान देने की बात कही गई है।
गुरुवार को दान
सामर्थ्य के अनुसार चने की दाल, हल्दी या पीले खाद्य पदार्थों का जरूरतमंद व्यक्ति को दान करने की सलाह दी गई है। दान दिखावे के लिए नहीं, बल्कि सेवा भाव से करने की बात कही गई है।
गुरुजनों का सम्मान
अपने शिक्षकों, मार्गदर्शकों और ज्ञान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान करने को महत्वपूर्ण बताया गया है। किसी विद्यार्थी की शिक्षा में सहायता करना भी ज्ञान और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का अच्छा माध्यम माना गया है।
देवगुरु बृहस्पति के सिंह राशि में प्रवेश को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण गोचर माना जा रहा है। बाबूलाल शास्त्री के अनुसार, इस अवधि में 12 राशियों के जातकों के लिए विभिन्न जीवन क्षेत्रों में अवसरों और सावधानियों के संकेत मिल सकते हैं।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)
नाम: मदन मोहन गर्ग
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)
कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला
बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र
परिचय
मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:
- बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
- एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)
