UGC समता विनियम 2026 पर सुप्रीम कोर्ट के स्टे का जाटव समाज ने किया विरोध
हिंडौन सिटी में जाटव समाज की बैठक आयोजित, उच्च शिक्षा में भेदभाव रोकने वाले विनियम पर स्टे के खिलाफ केंद्र सरकार से मजबूती से पक्ष रखने की मांग।
हिंडौन सिटी: भारत सरकार द्वारा जारी UGC (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए स्टे को लेकर जाटव समाज में गहरा रोष व्याप्त है। इसी क्रम में जाटव छात्रावास, महुआ रोड, हिंडौन में जाटव समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य और मांग
बैठक में समाज के प्रबुद्धजनों एवं युवाओं ने एक स्वर में इस स्टे का विरोध करते हुए केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखने की मांग की। वक्ताओं ने निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
- शिक्षा के क्षेत्र में जातिगत, सामाजिक और मानसिक उत्पीड़न के मामलों में 118 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
- ऐसे में समानता और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले इस विनियम को लागू होने से पहले ही गलत ठहरा देना दुर्भाग्यपूर्ण और समाज विरोधी कदम है।
सामाजिक कार्यकर्ता रिंकू खेड़ी हैवत का संबोधन
बैठक को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता रिंकू खेड़ी हैवत ने कहा कि यह विनियम केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए कानूनी सुरक्षा कवच है। उच्च शिक्षा संस्थानों में लंबे समय से भेदभाव, अपमान और उत्पीड़न की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिन पर अब तक ठोस कार्रवाई का अभाव रहा है।
रिंकू खेड़ी हैवत ने स्पष्ट किया कि:
"यदि सरकार वास्तव में बहुजन समाज की हितैषी है, तो उसे इस ऐतिहासिक विनियम के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट, तथ्यपरक और मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए। शिक्षा में समानता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान का मूल तत्व है, इससे कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।"
भविष्य की रणनीति और जनजागरूकता अभियान
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस विषय पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसके मुख्य चरण इस प्रकार होंगे:
- समाज में जागरूकता हेतु पैम्फलेट तैयार कर वितरित किए जाएंगे।
- तहसील स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित की जाएंगी।
- इन बैठकों में SC, ST, OBC समाज के लोगों को आमंत्रित कर इस विनियम की जानकारी दी जाएगी।
उपस्थित सदस्य एवं संकल्प
इस अवसर पर उजागर, प्रदीप, गुट्टीराम, संतोष, अजीत, मनीष, संतोष एवं रिंकू खेड़ी हैवत, गोपाल फौजी सहित अनेक समाजसेवी एवं युवा उपस्थित रहे। सभी ने एकमत होकर कहा कि शिक्षा में समान अवसर और सम्मान की लड़ाई को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

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