सवाई माधोपुर। जैसलमेर में वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह राठौड़ के साथ हुए कथित प्रशासनिक अत्याचार के विरोध में पत्रकारों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में 10 अप्रैल को इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) से जुड़े पत्रकारों ने जिला कलेक्टर सवाई माधोपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रशासनिक दमन और 'स्वाद रेस्टोरेंट' पर कार्रवाई का आरोप

ज्ञापन में पत्रकारों ने आरोप लगाया कि जैसलमेर में प्रशासन द्वारा लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र सिंह राठौड़ के साथ अन्यायपूर्ण और दमनकारी कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि राठौड़ पिछले करीब 22 वर्षों से वैधानिक रूप से ‘स्वाद रेस्टोरेंट’ का संचालन कर रहे थे और सभी सरकारी देयों का नियमित भुगतान कर रहे थे। पत्रकारों का कहना है कि "नवंबर 2025 में बिना किसी लिखित आदेश के मात्र मौखिक निर्देश पर रेस्टोरेंट खाली कराने का दबाव बनाया गया। इसके बाद न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखते हुए गैस सिलेंडर जब्त कर किचन सील कर दिया।"

करोड़ों का नुकसान और पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर प्रहार

घटनाक्रम की गंभीरता को बताते हुए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि "17 मार्च 2026 को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से रेस्टोरेंट को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे करीब सवा करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।" ज्ञापन में इस कार्रवाई को पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए कहा गया कि यह एक निर्भीक पत्रकार की आवाज दबाने का प्रयास है। साथ ही इस गंभीर प्रकरण पर राज्य सरकार की चुप्पी पर भी गहरी चिंता जताई गई।

जयपुर में धरना और मुख्यमंत्री से मुलाकात की विफल कोशिश

मामले के विरोध में उपजे असंतोष को लेकर पत्रकारों ने बताया कि 29 मार्च को जयपुर में सैकड़ों पत्रकार मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे, लेकिन पूरे दिन इंतजार के बाद भी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके विरोध में पिछले 13 दिनों से पत्रकार शहीद स्मारक पर धरना दे रहे हैं। इस दौरान ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष राजेश शर्मा, महासचिव राजेश गोयल, प्रदेश प्रतिनिधि राजमल जैन, शादाब अली तथा अन्य पत्रकार मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप और मुआवजे की मांग

आईएफडब्ल्यूजे ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, पीड़ित पत्रकार को हुए आर्थिक नुकसान का उचित मुआवजा दिलाया जाए। संगठन ने विशेष रूप से यह मांग भी रखी है कि "आपकी बालोतरा (पचपदरा) की प्रस्तावित यात्रा के दौरान IFWJ के प्रतिनिधिमंडल को आपसे प्रत्यक्ष भेंट करने का 5 मिनट का समय प्रदान किया जाए, ताकि हम इस प्रशासनिक अन्याय के दस्तावेजी साक्ष्य आपके सम्मुख प्रस्तुत कर सकें।"

Pratahkal Bureau

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