बाड़मेर में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर जैसलमेर प्रशासन के कड़े प्रहार के विरोध में स्वर मुखर हो गए हैं। वरिष्ठ पत्रकार और IFWJ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ के खिलाफ हुई 'बदले की कार्रवाई' ने अब तूल पकड़ लिया है। बाड़मेर जिला मुख्यालय पर IFWJ जिलाध्यक्ष लव जांगिड़ के नेतृत्व में पत्रकारों ने हुंकार भरी और प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जैसलमेर कलेक्टर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

पत्रकार की आजीविका पर प्रहार और करोड़ों का नुकसान

एक निर्भीक पत्रकार की आजीविका चलाने के संसाधन और 22 साल से संचालित 'स्वाद रेस्टोरेंट' पर बिना किसी ठोस विधिक प्रक्रिया के जेसीबी चला दी गई। आरोप है कि "कोर्ट का स्टे होने के बावजूद सवा करोड़ की संपत्ति का नुकसान किया गया है, क्या जैसलमेर कलेक्टर कानून से ऊपर हैं?" इस घटना को लेकर पत्रकारों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

दमनकारी नीति और उच्च स्तरीय जांच की मांग

IFWJ का सीधा आरोप है कि "निर्भीक पत्रकारिता की आवाज दबाने के लिए प्रशासन ने दमनकारी रास्ता अपनाया है।" पत्रकारों ने इस मामले में "जैसलमेर कलेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच" की मांग की है। प्रभारी मंत्री को सौंपे गए इस ज्ञापन के जरिए प्रशासन की इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया गया है।

Pratahkal Bureau

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