राजस्थान में पत्रकारिता की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी पर बढ़ते हमलों के विरुद्ध आईएफडब्ल्यूजे (IFWJ) का संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर आ चुका है। प्रशासन की शह पर एक वरिष्ठ पत्रकार की आजीविका को बुलडोजर से रौंदने और रंजिशन झूठे मुकदमे दर्ज करने के विरोध में शहीद स्मारक पर चल रहा धरना आज 18वें दिन भी जारी रहा। राज्य सरकार की संवेदनहीनता और निरंतर हो रही अनदेखी से आक्रोशित प्रदेशभर के सैकड़ों पत्रकार कल, 16 अप्रैल को जयपुर में महाजुटाव करेंगे। न्याय की मांग को लेकर पत्रकार शहीद स्मारक से मुख्यमंत्री कार्यालय तक विशाल आक्रोश रैली निकालेंगे और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।

प्रशासन की वादाखिलाफी ने इस आक्रोश की ज्वाला को और अधिक भड़काने का काम किया है। विदित रहे कि बीते 29 मार्च को बड़ी संख्या में पत्रकार मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने हेतु शहीद स्मारक पर एकत्र हुए थे, जहां प्रशासन ने आश्वस्त किया था कि मुख्यमंत्री स्वयं शाम 5 बजे ज्ञापन स्वीकार करेंगे। हालांकि, पत्रकारों की यह प्रतीक्षा रात 10 बजे तक खिंचने के बावजूद जब कोई नहीं आया, तो संगठन ने अनवरत धरने का निर्णय लिया। आज 18 दिन बीतने के बाद भी सरकार द्वारा कोई सकारात्मक संकेत न मिलना पत्रकारों के प्रति तंत्र की बेरुखी को स्पष्ट करता है।

इस संघर्ष के केंद्र में जैसलमेर का वह प्रकरण है, जहां भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुखर होने की सजा एक पत्रकार को भुगतनी पड़ी। आईएफडब्ल्यूजे का आरोप है कि जैसलमेर के तत्कालीन जिला कलेक्टर ने वरिष्ठ पत्रकार उपेन्द्र सिंह राठौड़ को दुर्भावनापूर्ण तरीके से निशाना बनाया। प्रशासन की कमियों और भ्रष्टाचार को उजागर करने वाली खबरों से तिलमिलाए अधिकारियों ने षड्यंत्र रचकर पत्रकार और उनके साथियों के रोजगार को नष्ट कर दिया। इस मामले को संगठन ने केवल सड़क पर ही नहीं, बल्कि कानूनी धरातल पर भी उच्चतम स्तर तक पहुंचाया है।

संगठन ने तत्कालीन कलेक्टर के विरुद्ध समस्त साक्ष्यों को संकलित कर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक को प्रत्यक्ष रूप से सौंपा है। साथ ही, प्रकरण की निष्पक्ष जांच हेतु इसकी प्रतियां महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, सीबीआई निदेशक, भारत सरकार के कैबिनेट सचिव, राजस्थान के मुख्य सचिव और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को पंजीकृत डाक द्वारा भेजी गई हैं। 'अब आर-पार की जंग' के संकल्प के साथ कल होने वाले प्रदर्शन के लिए राजस्थान के कोने-कोने से पत्रकारों का जयपुर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।

शहीद स्मारक पर आयोजित सभा के पश्चात विशाल रैली मुख्यमंत्री आवास और कार्यालय की ओर कूच करेगी, जिसके बाद संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी आगामी रणनीति तय करेंगे। आज धरना स्थल पर गणेश प्रजापति, नकुल शर्मा, बलवीर सैनी, सुनील यादव, आकाश शर्मा, दुर्गेश कुमार लक्षकार, उमेश लवानिया और खीवराज सिंह सहित अन्य सदस्यों ने एकजुटता का आह्वान करते हुए मोर्चा संभाले रखा। संगठन का स्पष्ट उद्घोष है कि जब तक दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, यह लोकतांत्रिक संघर्ष विराम नहीं लेगा।

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