जयपुर/सवाई माधोपुर। राजस्थान की मरूधरा पर जल संकट की सदियों पुरानी चुनौती अब इतिहास बनने की ओर अग्रसर है। पूर्वी राजस्थान के दो प्रमुख जिलों, दौसा और सवाई माधोपुर के लिए 'ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना' एक नई सुबह की उम्मीद लेकर आई है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत आकार ले रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल आम जनजीवन को सुगम बनाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था के आधार—कृषि और पशुपालन—को भी पुनर्जीवित करेगी। लगभग 4058 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रही यह योजना क्षेत्र की 35 लाख आबादी के लिए शुद्ध पेयजल का एकमात्र सहारा बनने वाली है। सरकार का लक्ष्य इस परियोजना के माध्यम से 1256 गांवों और 6 महत्वपूर्ण कस्बों में कुल 3 लाख 6 हजार 198 घरेलू जल कनेक्शन प्रदान करना है, जिससे हर घर तक नल से जल का सपना साकार होगा।

इस विशाल परियोजना के क्रियान्वयन को विभिन्न तकनीकी चरणों और पैकेजों में विभाजित किया गया है ताकि कार्य की गुणवत्ता और गति बनी रहे। परियोजना के प्रथम पैकेज के तहत ईसरदा और बगड़ी में क्रमशः 24.5 और 21.5 एमएलडी क्षमता के दो भव्य स्वच्छ जलाशय बनाए जा रहे हैं, साथ ही 225 एमएलडी का एक विशाल फिल्टर प्लांट और दो अत्याधुनिक पंप हाउस भी स्थापित किए जा रहे हैं। इनटेक वेल से लेकर महुआ तक बिछने वाली 341 किलोमीटर की मुख्य ट्रांसमिशन पाइपलाइन में से 286 किलोमीटर का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में मुख्य पाइपलाइन, गेस्ट हाउस और क्वार्टर निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। द्वितीय पैकेज के तहत ईसरदा बांध पर लगभग 17.82 करोड़ रुपये की लागत से इनटेक वेल और पंप हाउस के भवन का निर्माण किया जा रहा है, जो इस पूरी जल आपूर्ति श्रृंखला की रीढ़ साबित होगा।





क्षेत्रीय विस्तार की दृष्टि से देखें तो तृतीय पैकेज (अ) के माध्यम से लालसोट क्लस्टर के 302 गांवों और लालसोट शहर की भविष्य की आबादी को ध्यान में रखते हुए 33 हजार से अधिक जल कनेक्शन दिए जाएंगे। वहीं, तृतीय पैकेज (ब) दौसा क्लस्टर पर केंद्रित है, जहां 248 गांवों और दौसा शहर की करीब पौने दो लाख की आबादी को लाभान्वित करने की तैयारी है। चतुर्थ पैकेज, जो बसवा और सिकराय क्लस्टर को कवर करता है, इस परियोजना का सबसे विस्तृत हिस्सा है। इसके तहत बांदीकुई शहर और 368 गांवों की विशाल आबादी के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। उल्लेखनीय है कि इस क्लस्टर के लिए निर्धारित 2077 किलोमीटर पाइपलाइन में से 1666 किलोमीटर का जाल पहले ही बिछाया जा चुका है।

परियोजना का पांचवां और छठा चरण महुआ, बौंली, चौथ का बरवाड़ा और मलारना डूंगर जैसे क्षेत्रों को कवर कर रहा है। महुआ पैकेज में 315 किलोमीटर पाइपलाइन का लक्ष्य है, जिसमें से 208 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। सवाई माधोपुर खंड द्वारा संचालित छठे पैकेज के अंतर्गत बौंली के 99 गांव, मलारना डूंगर के 61 गांव और चौथ का बरवाड़ा के 17 गांवों को पेयजल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। यह परियोजना न केवल पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों में महिलाओं को सिर पर मटका रखकर लंबी दूरी तय करने के अभिशाप से भी मुक्ति दिलाएगी। राजस्थान सरकार की यह दूरगामी सोच आने वाले दशकों के लिए एक सशक्त और जल-समृद्ध भविष्य की नींव रख रही है।

Pratahkal Bureau

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