ईसरदा मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
ईसरदा में भारी वाहनों के प्रवेश से ग्रामीणों का जीना हुआ मुहाल, तेजाजी छापर में आयोजित बैठक के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन। क्या पुलिस की कार्रवाई से मिलेगा स्थायी समाधान या फिर सड़कों पर बना रहेगा भारी ट्रकों का खतरा?

ईसरदा पुलिस चौकी के बाहर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए क्षेत्र के ग्रामीण।
ईसरदा, 12 जुलाई। ग्राम पंचायत ईसरदा के तेजाजी छापर में स्थित प्राचीन बरगद के पेड़ के नीचे रविवार को क्षेत्र के नागरिकों एवं ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में ईसरदा क्षेत्र से होकर गुजर रहे भारी ट्रकों एवं डंपरों की लगातार आवाजाही से उत्पन्न समस्याओं पर गंभीर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से यह समस्या चिंता का विषय बनी हुई है और पूर्व में कई शिकायतों के बावजूद स्थिति पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी है।
बैठक में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि भारी वाहनों के संचालन से ग्रामीण सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। सड़क पर उड़ने वाली धूल से स्थानीय निवासियों को परेशानी हो रही है, वहीं राहगीरों, महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में है। ग्रामीणों का तर्क है कि गांव के संकरे मार्ग भारी वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं हैं, इसलिए इनका प्रवेश प्रतिबंधित करना आवश्यक है।
चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने याद दिलाया कि पूर्व में जनआंदोलनों एवं प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद इस मार्ग पर भारी ट्रकों की आवाजाही बंद करवाई गई थी, जिससे राहत मिली थी, लेकिन कुछ समय बाद वाहनों का संचालन पुनः शुरू होने से असंतोष व्याप्त है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से स्थायी कार्रवाई की मांग की जाए।
बैठक के बाद ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत ईसरदा के प्रशासक तथा पुलिस चौकी ईसरदा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि ईसरदा की ओर आने वाले सभी भारी ट्रकों एवं डंपरों का प्रवेश पूर्ण रूप से रोका जाए तथा प्रतिबंधित मार्ग पर आने वाले प्रत्येक भारी वाहन को पुलिस चौकी से ही वापस भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन के बाद ईसरदा पुलिस चौकी द्वारा शिवाड़ की ओर से आने वाले भारी ट्रकों को वापस लौटाने की कार्रवाई की गई। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि नियमित निगरानी से ही सड़कें सुरक्षित रहेंगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया कि केवल अस्थायी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर स्थायी व्यवस्था बनाई जाए ताकि भविष्य में प्रतिबंधित मार्ग पर किसी भी भारी वाहन का प्रवेश न हो सके। ज्ञापन की प्रतिलिपि ग्राम पंचायत ईसरदा, जिला कलेक्टर सवाई माधोपुर, पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर, उपखंड अधिकारी चौथ का बरवाड़ा, तहसीलदार चौथ का बरवाड़ा, पुलिस थाना चौथ का बरवाड़ा तथा पुलिस चौकी ईसरदा को प्रेषित की गई है।
बैठक में शिवदयाल, महावीर शर्मा, ग्राम पंचायत ईसरदा के प्रशासक पुखराज गुर्जर, दीपक गुर्जर, टीटू बना, दीपक शुक्ला, विष्णु, तेज सिंह, उम्मेद सिंह, कमल यादव, बलराम, नरेंद्र सैनी, रामस्वरूप मीणा, भगवान, हनुमान, दिलीप जाट, धनराज, राजू, जितेंद्र, अर्जुन, धर्मराज मीणा, भंवर, रामकिशन और सीताराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुशवाह ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा एवं जनहित सर्वोपरि है और प्रशासन द्वारा शुरू की गई कार्रवाई निरंतर जारी रहनी चाहिए।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
