ईसरदा बांध परियोजना: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने दिए जुलाई तक कार्य पूरा करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सवाई माधोपुर में 1038 करोड़ की परियोजना की समीक्षा की, जुलाई 2026 तक दौसा और सवाई माधोपुर के 1256 गांवों को मिलेगी पेयजल आपूर्ति।

सवाई माधोपुर में ईसरदा बांध परियोजना के निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, टोंक जिला कलक्टर टीना डाबी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा करते हुए।
सवाई माधोपुर, 11 अप्रैल। सवाई माधोपुर और दौसा जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण ईसरदा बांध का निर्माण कार्य इस वर्ष जुलाई तक पूरा हो जाएगा। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा के बाद कहा कि प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के प्रथम चरण के शेष रहे सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा इस बांध परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए संकल्पबद्ध हैं। इसी क्रम में परियोजना में धरातल पर कार्यरत अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा की गई है। जल्द ही यह महत्वकांक्षी योजना पूरी हो जाएगी और इससे दो जिलों के लाखों लोगों को पेयजल आपूर्ति हो सकेगी। उन्होंने कहा कि 1,038.65 करोड़ रुपये लागत वाली यह बांध परियोजना पूर्वी राजस्थान के कई जिलों को पीने और सिंचाई के लिए पानी आपूर्ति करने वाली राम जल सेतु परियोजना का महत्वपूर्ण घटक है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की समीक्षा
वी. श्रीनिवास ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि "राज्य सरकार परियोजना को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता के प्रति बेहद गंभीर और संवेदनशील है।" उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में निर्माण कार्य की गहराई से नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बांध पर दौरा कर निर्माण कार्यों की मौके पर वास्तविक प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों का अवलोकन किया तथा साइट इंजीनियर्स एवं फील्ड स्टाफ के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से बांध पर लिफ्ट, इनटेक वेल, पम्प सिस्टम तथा जल के प्रबंधन के लिए स्काडा सिस्टम की जानकारी ली और इन्स्पेक्शन टनल सभी निर्माण कार्य समय पर पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि परियोजना में कार्यरत अधिकारियों को इस महत्वपूर्ण कार्य के जरिए बड़ी संख्या में आम लोगों की सेवा करने का मौका मिला है। इंजीनियर का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने कहा कि "वे दिल लगा कर काम पूरा करें।" उन्होंने जल्द ही फिर से प्रोजेक्ट का दौरा करने का आश्वासन दिया।
पूर्वी राजस्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगी परियोजना
गौरतलब है कि मुख्य सचिव ने कहा कि लगभग 1038.65 करोड़ की यह महत्वपूर्ण परियोजना पूर्वी राजस्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगी। प्रथम चरण में आर.एल. 256 मीटर तक जल संग्रहण (3.24 टीएमसी) के माध्यम से दौसा जिले के 1079 ग्राम व 5 शहर तथा सवाई माधोपुर जिले के 177 ग्राम व 1 शहर सहित लगभग 35.13 लाख आबादी को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। द्वितीय चरण पूर्ण होने पर बांध की भंडारण क्षमता 10.77 टीएमसी तक बढ़ेगी। गौरतलब है कि इंटेक वेल एवं पम्प हाउस के माध्यम से दौसा एवं सवाई माधोपुर के 1256 ग्रामों को पेयजल आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गेटों की ऊंचाई बढ़ाने सहित द्वितीय चरण के कार्यों को तय समय तक पूर्ण किया जाए तथा नियमित मॉनिटरिंग एवं विभागीय समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
मुख्य सचिव ने विश्राम गृह में सवाई माधोपुर जिला कलक्टर काना राम, सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी, टोंक जिला कलक्टर टीना डाबी, टोंक पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता जयपुर सुरेश कठानिया, अधीक्षण अभियंता जितेन्द्र लुहाड़िया, अधिशासी अभियंता विकास गर्ग सहित अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की समीक्षा की तथा जून माह में पुनः निरीक्षण करने की बात कही।

Pratahkal Bureau
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