सवाई माधोपुर, 25 दिसंबर। मानसून वर्ष 2025 में हुई अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण खरीफ फसल में हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए राहत की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तहसील सवाई माधोपुर में डीएमआईएस पोर्टल पर खरीफ फसल खराबे का विकल्प सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसानों के प्रकरण ऑनलाइन दर्ज किए जा सकें और शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जा सके।

तहसीलदार नीरू सिंह ने बताया कि अभावग्रस्त घोषित 104 गांवों के किसानों के फसल खराबे के मामले प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किए जाएंगे। इसके लिए तहसील प्रशासन ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे अपने आवश्यक दस्तावेज किसी भी देरी के बिना संबंधित क्षेत्र के पटवारी को उपलब्ध कराएँ। इनमें आधार कार्ड, जनाधार कार्ड, नकल जमाबंदी और आधार से लिंक मोबाइल नंबर शामिल हैं।

तहसील प्रशासन का कहना है कि समय पर दस्तावेज जमा करने से वास्तविक प्रभावित किसानों को त्वरित राहत मिलेगी और सरकारी प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रक्रिया का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने निर्धारित दस्तावेज समय पर प्रस्तुत किए हैं।

इस कदम के माध्यम से राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि खरीफ 2082 में हुई फसल क्षति का वास्तविक आंकलन किया जाए और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके।

Pratahkal Bureau

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