सवाई माधोपुर, 28 नवम्बर। जिले में मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लक्ष्य के साथ चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान ने निर्णायक चरण में प्रवेश कर लिया है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी काना राम ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्हाेंने गणना प्रपत्रों के संग्रह और डिजिटाइजेशन कार्य में अपेक्षित गति लाते हुए इसे 30 नवम्बर तक हर स्थिति में पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण में किसी भी मतदाता का प्रपत्र दो बार डिजिटाइज नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले के अधिकांश बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) ने वितरण, संग्रह और डिजिटाइजेशन का कार्य लगभग पूरा कर लिया है, जबकि कुछ बीएलओ अभी भी लंबित कार्यों से जूझ रहे हैं। ऐसे में सक्षम अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सक्षम बीएलओ अपने सहकर्मियों को शेष कार्य पूरा कराने में सहयोग दें, ताकि जिले की संपूर्ण प्रगति लक्ष्य के अनुरूप बनी रहे।

उन्होंने एईआरओ को यह भी निर्देशित किया कि जिन बीएलओ के पास डिजिटाइजेशन या पूर्व रिकॉर्ड की मैपिंग का कार्य लंबित है, उनके लिए अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर के इस महत्वपूर्ण चरण में देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी, अतः सभी अधिकारी निर्धारित समय-सीमा में परिणाम सुनिश्चित करें।

बैठक में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और छूटे हुए नाम पुनः शामिल करने के लिए फॉर्म 6 के आवेदन अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, आवेदकों से वर्ष 2002 के एसआईआर विवरण वाले संलग्नक-4 तथा वैयक्तिक स्वघोषणा अनिवार्य रूप से संलग्न कराने पर जोर दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नाम जोड़ने हेतु केवल आवेदक द्वारा हस्ताक्षरित फॉर्म 6 ही मान्य होगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने आम मतदाताओं से अपील की कि यदि किसी ने अब तक गणना प्रपत्र बीएलओ को जमा नहीं कराए हैं, तो वे 4 दिसंबर तक बिना किसी दस्तावेज की आवश्यकता के सही जानकारी भरकर अवश्य जमा करवाएं। उन्होंने कहा कि अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं से जुड़े एएसडी प्रकरणों में भी नियमों के अनुसार गंभीर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पुराने रिकॉर्ड की मैपिंग में संशोधन (एडिट) का विकल्प प्रभावी कर दिया गया है। इसलिए सभी ईआरओ इस सुविधा का उपयोग करते हुए प्रगति में तेजी लाएं। तकनीकी समस्या आने पर जिला एवं उपखंड स्तर की तकनीकी टीम से तत्काल सहायता लेने के निर्देश भी दिए गए।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि मतदाताओं को समय पर जानकारी दी जाए कि 4 दिसंबर तक ही गणना प्रपत्र स्वीकार किए जाएंगे, इसके बाद दावे और आपत्तियों की सुनवाई का चरण शुरू होगा।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजय शर्मा सहित सभी विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ, एईआरओ एवं संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

फोटो कैप्शन: 28 पीआरओ 1 एवं 2—वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और सहायक अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते जिला निर्वाचन अधिकारी काना राम।

Pratahkal Bureau

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