सवाई माधोपुर, 22 दिसम्बर।

सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में सुशासन, सेवा और समाधान को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली की प्रगति, आमजन से जुड़ी सेवाओं की स्थिति और विभिन्न विभागों के प्रदर्शन की गहन समीक्षा की गई, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में ठोस संदेश गया।

बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों, सुशासन सप्ताह, शहरी एवं ग्रामीण सेवा फॉलोअप शिविरों, सम्पर्क पोर्टल तथा बिजली, पानी, शिक्षा और चिकित्सा जैसी आवश्यक सेवाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने पंचायत राज विभाग को विकास रथों के सुचारू संचालन तथा ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही 23 दिसम्बर को प्रस्तावित किसान सम्मेलन और 25 दिसम्बर को आयोजित होने वाले रोजगार उत्सव की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

सुशासन सप्ताह के अंतर्गत जिला कलक्टर ने भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप सम्पर्क एवं सीपीग्राम पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों के अधिकतम और समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। उन्होंने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शत-प्रतिशत सेवाएं उपलब्ध कराने और सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन सप्ताह का मूल उद्देश्य प्रत्येक ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर तक राहत पहुंचाकर वास्तविक अर्थों में गुड गवर्नेंस की स्थापना करना है।

राज्य सरकार द्वारा जारी सम्पर्क रैंकिंग में सवाई माधोपुर जिले को द्वितीय स्थान प्राप्त होने पर जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की और इसे जिले के लिए गौरव की उपलब्धि बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि सम्पर्क पोर्टल और दैनिक जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर उनकी जानकारी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए।

ग्रामीण एवं शहरी सेवा फॉलोअप शिविरों की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने अधिकाधिक प्रकरणों के निस्तारण पर विशेष बल दिया। उन्होंने राजस्व विभाग को लंबित नोटिस, आपसी सहमति से बंटवारे, नाम शुद्धिकरण, लंबित फार्मर रजिस्ट्री जैसे मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्व न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को कम किया जा सके। इसके साथ ही एनएफएसए योजना के अंतर्गत लंबित आवेदनों के निस्तारण, ई-केवाईसी, आधार सीडिंग तथा पुराने पोर्टल पर लंबित सभी आवेदनों का 25 दिसम्बर तक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश सभी उपखण्ड अधिकारियों को दिए गए।

बैठक के अंत में जिला कलक्टर ने अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करने, समय पर उपस्थिति, स्वच्छता, रिकॉर्ड रूम के सुव्यवस्थित रख-रखाव और कार्यालयों को सुसज्जित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन के साथ सम्मानजनक व्यवहार और बेहतर सेवा प्रदान करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रशासन की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता का आधार यही है।

बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया, अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा, उपखण्ड अधिकारी गौरव मित्तल, अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग बी.एल. मीणा, जिला रसद अधिकारी राम भजन मीणा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि समस्त उपखण्ड स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।

यह समीक्षा बैठक जिले में प्रशासनिक सुदृढ़ता, पारदर्शिता और जनसेवा को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।

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