माउंट आबू में IFWJ अधिवेशन: पत्रकारों की सुरक्षा पर लिए गए बड़े फैसले
माउंट आबू में आयोजित आईएफडब्ल्यूजे के ऐतिहासिक अधिवेशन में पत्रकारों की सुरक्षा और कल्याण के लिए लिए गए कई क्रांतिकारी निर्णय। क्या पत्रकार सुरक्षा कानून और नई कल्याणकारी योजनाएं बदलेंगी कलमकारों का भविष्य? जानिए पूरी खबर।

माउंट आबू में आयोजित IFWJ के दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय अधिवेशन में भाग लेते पत्रकार प्रतिनिधि। संगठन ने सम्मेलन में पत्रकारों की सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
माउंट आबू। पत्रकारिता जगत में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले आईएफडब्ल्यूजे (IFWJ) ने अब कलमकारों के मान-सम्मान और उनकी सुरक्षा के लिए एक नई और दृढ़ कार्ययोजना तैयार की है। हाल ही में राजस्थान के माउंट आबू में आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय अधिवेशन में संगठन ने पत्रकारों के व्यापक हितों, सुरक्षा और संगठनात्मक विस्तार को लेकर कई ऐतिहासिक एवं क्रांतिकारी निर्णय लिए हैं। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में प्रदेश भर से आए पत्रकारों ने शिरकत की, जहाँ करौली जिले से जिलाध्यक्ष दीनदयाल सारस्वत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने संगठन की भावी रणनीति को नई दिशा देने में योगदान दिया।
प्रदेशाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़ की अध्यक्षता और प्रदेश महासचिव मनवीर सिंह चुण्डावत के संचालन में संपन्न हुए इस अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य संगठन को अधिक सशक्त और पत्रकार हितैषी बनाना था। कार्यक्रम के समापन सत्र में टीवी-18 के ब्यूरो हेड अमित भट्ट मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि फस्ट इंडिया न्यूज के जोधपुर संभाग प्रमुख राजीव गौड की विशेष उपस्थिति ने चर्चाओं को और अधिक प्रासंगिक बनाया। अधिवेशन के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संगठन के ढांचे को सक्रिय करने के लिए अगले सात दिनों के भीतर 41 प्रदेश कार्यकारिणी पदाधिकारियों और सभी 44 जिलाध्यक्षों की घोषणा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ग्यारह सदस्यीय कोर कमेटी का गठन और 200 विधानसभा क्षेत्र प्रभारियों की नियुक्ति करने का भी निर्णय लिया गया, जो स्थानीय स्तर पर विधायकों और सांसदों से संवाद कर पत्रकार सुरक्षा कानून जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे।
पत्रकारों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए संगठन ने कई कल्याणकारी योजनाओं का खाका खींचा है। इनमें पत्रकारों के लिए विधि प्रकोष्ठ की स्थापना, जिला स्तर पर चार सदस्यीय सहायक समिति का गठन, पत्रकार कल्याण कोष की स्थापना और सदस्यों का सामूहिक बीमा शामिल है। साथ ही, संगठन अब अपनी एक मासिक पत्रिका और डिजिटल चैनल भी शुरू करने जा रहा है, जिसका संचालन जयपुर के सी-स्कीम स्थित नवीन प्रदेश कार्यालय से होगा। पत्रकारों की कार्यकुशलता और डिजिटल मीडिया दक्षता बढ़ाने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना भी तैयार की गई है। करौली जिलाध्यक्ष दीनदयाल सारस्वत ने स्पष्ट किया कि ये निर्णय केवल संगठनात्मक विस्तार नहीं, बल्कि पत्रकारों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक प्रतिष्ठा को सुरक्षित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम हैं।

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