जयपुर। जैसलमेर जिले में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रशासनिक निरंकुशता और तानाशाही के विरोध में पत्रकार संगठन इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) का आंदोलन आज सातवें दिन भी पूरी प्रखरता के साथ जारी रहा। एक वरिष्ठ पत्रकार के विरुद्ध की गई प्रतिशोधपूर्ण कार्रवाई और प्रशासनिक अधिकारी के कथित काले कारनामों को संरक्षण देने वाली सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ पत्रकारों ने आज धरना स्थल पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले पत्रकार की आजीविका उजाड़ने वाले अधिकारी को सजा मिलने तक यह संघर्ष थमेगा नहीं।

आईएफडब्ल्यूजे के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि संगठन पहले दिन से ही सकारात्मक संवाद के लिए तैयार है, किंतु सरकार की बेरुखी और वार्ता की पहल न करना यह दर्शाता है कि वह स्वयं इस गतिरोध को समाप्त करना नहीं चाहती। राठौड़ ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारी जन-आक्रोश और विरोध के बीच सरकार ने तत्कालीन जैसलमेर कलेक्टर प्रतापसिंह नाथावत का तबादला तो कर दिया, लेकिन उन्हें दंडित करने के बजाय वित्त विभाग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपकर अपनी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति की स्वयं ही धज्जियां उड़ा दी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस अधिकारी के विरुद्ध पूरे प्रदेश के पत्रकारों, जैसलमेर की आम जनता और पर्यावरण प्रेमियों में गहरा रोष है, उस अधिकारी में सरकार को आखिर ऐसी कौन सी खासियत नजर आ रही है जो प्रदेश की जनता को दिखाई नहीं देती।

घटनाक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए उपेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि वे वर्ष 2004 से जैसलमेर के डेजर्ट क्लब में वैध अनुमति के साथ ‘स्वाद रेस्टोरेंट’ का संचालन कर रहे थे, जिसका दिसंबर 2025 तक का अग्रिम किराया भी जमा था। इसके बावजूद, तत्कालीन कलेक्टर ने विधि विरुद्ध जाकर द्वेषपूर्ण तरीके से न केवल रेस्टोरेंट को सीज किया बल्कि उसे जमींदोज भी कर दिया। यह कार्रवाई सीधे तौर पर एक पत्रकार की आर्थिक और मानसिक रीढ़ तोड़ने का प्रयास थी। आरोप है कि आईएएस प्रतापसिंह नाथावत ने जैसलमेर में पदस्थापन के दौरान निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने हेतु नियमों को ताक पर रखकर भू-आवंटन किए थे। जब इन खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित कर मामले को उजागर किया गया, तो उसके प्रतिशोध में पत्रकार के विरुद्ध यह विध्वंसक कार्रवाई की गई, जिससे उन्हें 1 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति हुई है।

दोषी अधिकारी को निलंबित करने और हुए नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर 29 मार्च से जयपुर के शहीद स्मारक पर शुरू हुआ यह धरना अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने जा रहा है। उपेंद्र सिंह राठौड़ आगामी 05 और 06 अप्रैल को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं प्रदेशाध्यक्षों की बैठक में सम्मिलित होंगे, जहां इस गंभीर प्रकरण से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को अवगत कराया जाएगा। वर्तमान में धरने के सुचारू संचालन हेतु संगठन ने जिलावार जिम्मेदारी तय की है, जिसके अंतर्गत आज सातवें और कल आठवें दिन की कमान सिरोही जिले के पास है, जिसका नेतृत्व जोधपुर संभाग प्रभारी विक्रम सिंह करणोत कर रहे हैं। आज धरना स्थल पर दो दर्जन से अधिक वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वार्ता कर समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

नाम: मदन मोहन गर्ग

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)

कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला

बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र

परिचय 

मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:

  • बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
  • एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)

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