उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक खेती से किसानों की आय दोगुनी होगी: अतिरिक्त निदेशक कृषि तिलहन भरतपुर देशराज सिंह
सवाई माधोपुर में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषक सेमिनार में अतिरिक्त निदेशक कृषि तिलहन भरतपुर देशराज सिंह ने वैज्ञानिक उद्यानिकी खेती से किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन में सुधार की महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सेमिनार में आधुनिक तकनीक, फसल विविधीकरण और जल संरक्षण पर भी चर्चा हुई।

सवाई माधोपुर, 6 नवंबर। जिले में किसानों की आय और उत्पादन बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में, राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत “उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक खेती” विषय पर दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषक सेमिनार का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र, करमोदा में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन अतिरिक्त निदेशक कृषि तिलहन भरतपुर, श्री देशराज सिंह ने विधिवत किया।
सेमिनार का उद्देश्य किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों, फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के उपायों से अवगत कराना था। मुख्य अतिथि देशराज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वैज्ञानिक तरीकों से की गई उद्यानिकी खेती न केवल उत्पादन बढ़ाती है, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने का मार्ग भी प्रशस्त करती है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही किसान कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की और किसानों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में पंच गौरव योजना के तहत अमरूद बगीचों के उत्पादन की नवीनतम तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संयुक्त निदेशक उद्यान, भरतपुर, श्री योगेश कुमार शर्मा ने किसानों से अपने खेतों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की अपील की, ताकि उत्पादन लागत में कमी लाई जा सके। अतिरिक्त उपनिदेशक फूल उत्कृष्ट केंद्र, सवाई माधोपुर, श्री लखपत लाल मीणा ने फूलों की व्यावसायिक खेती की तकनीकी जानकारी दी और बताया कि इसके माध्यम से किसानों को अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त अतिरिक्त निदेशक उद्यान, श्री अतर सिंह, उपनिदेशक आत्मा परियोजना, श्री अमर सिंह, उपनिदेशक उद्यान, श्री चंद्र प्रकाश बढ़ाया, सहायक निदेशक उद्यान, श्री बृजेश कुमार मीणा, कृषि अधिकारी उद्यान, श्री राजेंद्र कुमार बैरवा एवं राम प्रसाद मीणा, सहायक कृषि अधिकारी, श्री अनूप सिंह राठौड़ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जिले के किसान उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक तकनीकों, फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के उपायों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया।
इस सेमिनार ने किसानों के बीच वैज्ञानिक खेती के महत्व और व्यावसायिक दृष्टि से बागवानी को अपनाने की संभावनाओं को उजागर किया। कार्यक्रम का निष्कर्ष स्पष्ट है कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से न केवल उत्पादन में वृद्धि संभव है, बल्कि यह किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार ला सकता है।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
