हिंडौन सिटी। राजस्थान के हिंडौन सिटी में शनिवार को मौसम के बदले मिजाज ने जनजीवन को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। आसमान से गिरी हल्की बूंदों और बर्फीली शीतलहर के जानलेवा गठजोड़ ने समूचे क्षेत्र को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। शनिवार का दिन शहरवासियों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रहा, जहाँ सुबह से ही चल रही तीखी और बर्फीली हवाओं ने तापमान के पारे को धड़ाम से नीचे गिरा दिया। कृषि मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, दोपहर 12 बजे तक तापमान गिरकर महज 16 डिग्री सेल्सियस पर सिमट गया, जिसने पिछले कई दिनों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तूफानी सर्द हवाओं ने सूरज की तपिश को भी बेअसर कर दिया। हालांकि दिन में धूप खिली, लेकिन हाड़ कंपा देने वाली हवाओं के सामने वह बेबस नजर आई। आलम यह रहा कि लोग दिन के उजाले में भी भारी भरकम गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। इस अचानक आए मौसमी बदलाव का सबसे गंभीर असर कृषि क्षेत्र पर पड़ता दिखाई दे रहा है। कृषि अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि इन तेज सर्द हवाओं से सरसों की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। जिले में सरसों की खेती बड़े पैमाने पर की गई है, जिसकी कटाई फरवरी के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है।

किसानों की चिंताएं अब उनके माथे की लकीरों पर साफ झलक रही हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि तेज हवाओं के थपेड़ों से सरसों की फसल झुक सकती है, जिससे न केवल दाने की गुणवत्ता प्रभावित होगी बल्कि पैदावार में भी भारी गिरावट आने की आशंका है। हालांकि, इस ठिठुरन के बीच एक राहत भरी खबर भी है; विशेषज्ञों का मानना है कि इस हल्की बूंदाबांदी से गेहूं की फसल को संजीवनी मिल सकती है। फिलहाल, हिंडौन सिटी में कुदरत के इस सर्द सितम ने प्रशासन और किसानों दोनों की धड़कनें बढ़ा दी हैं, और आने वाले कुछ दिन कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।

Pratahkal Bureau

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