हिंडौन सिटी। राजस्थान के हिंडौन सिटी में इस बार गणतंत्र दिवस का पर्व एक नई इबारत लिखने जा रहा है। देश की साझा विरासत और गंगा-जमुनी तहजीब को जीवंत करते हुए यहां के मुस्लिम संगठनों ने आगामी 26 जनवरी को ऐतिहासिक ईदगाह गेट पर भव्य स्तर पर गणतंत्र दिवस समारोह मनाने का गौरवपूर्ण निर्णय लिया है। यह आयोजन न केवल तिरंगे के सम्मान में होगा, बल्कि आधुनिक दौर में लोकतंत्र की मजबूती और संविधान की रक्षा का एक बुलंद संदेश भी बनेगा।

इस महत्वपूर्ण पहल की रूपरेखा तैयार करने के लिए हम्माल पाडा स्थित कार्यालय में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। जमीअत उलमा-ए-हिंद के तहसील सदर हाफिज बाबुद्दीन की अध्यक्षता में हुई इस सभा में वक्ताओं ने देश की आजादी के उस स्वर्णिम इतिहास को याद किया, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों ने कंधे से कंधा मिलाकर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ अपनी आहुति दी थी। मीटिंग के संयोजक और पूर्व उपसभापति नफीस अहमद ने बड़े ही ओजस्वी भाव से कहा कि देश के शहीदों की कुर्बानियों को अक्षुण्ण बनाए रखने और आमजन में राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रगाढ़ करने के लिए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने वर्तमान परिदृश्य में देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने के लिए ऐसे आयोजनों को अपरिहार्य बताया।

तय कार्यक्रम के अनुसार, 26 जनवरी की सुबह ठीक 9 बजे ईदगाह गेट पर पूरे हर्षोल्लास के साथ ध्वजारोहण कर समारोह का आगाज किया जाएगा। इस ऐतिहासिक बैठक में समाज के विभिन्न धड़ों के नेतृत्वकर्ताओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। बैठक में जमीअत उलमा-ए-हिंद के सदर हाफिज बाबुद्दीन, जमीयतुल कुरैश के जिला सदर सद्दाम कुरैशी, पठान वेलफेयर सोसाइटी के संयोजक एडवोकेट इमरान खान और मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी के आरिफ पहलवान ने शिरकत की। इनके साथ ही हिदायतुल तेली समाज के प्रदेशाध्यक्ष मोहम्मद निजामुद्दीन, अब्बासी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रवक्ता कलमुद्दीन खान, राष्ट्रीय शाह समाज फाऊंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष हबीब ताज और मुस्लिम महासभा के प्रदेश महासचिव रफीक चौधरी ने भी अपने विचार साझा किए।

समारोह की गंभीरता और व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें वक़्फ़ कमेटी के सचिव रफीक मलिक, मुफ्ती सद्दाम, युवा नेता आमिर कुरैशी, अज़हर क़ाज़ी, रहमान अब्बासी और छात्र नेता शर्फुद्दीन चौधरी सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग सक्रिय रूप से शामिल रहे। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन महज एक रस्म नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगा। सर्वसम्मति से यह भी निर्णय लिया गया कि इस अनूठी पहल को भविष्य में भी हर साल नियमित रूप से जारी रखा जाएगा। आगामी तैयारियों के लिए जल्द ही एक और विस्तृत बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें शेष बचे संगठनों को भी इस राष्ट्रव्यापी उत्सव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story