हिंडौन सिटी: राजकीय पीजी कॉलेज में विकास की नई क्रांति, डॉ. पप्पू राम कोली ने बदली शिक्षा की तस्वीर
हिंडौन सिटी के राजकीय पीजी कॉलेज में प्राचार्य डॉ. पप्पू राम कोली के नेतृत्व में 2 करोड़ के विकास कार्यों से शिक्षा की तस्वीर बदल रही है। 75 लाख की लागत से हाईटेक लैब और निःशुल्क आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण अंतिम चरण में है, जिससे 1700 विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य मिलेगा। जानिए कैसे डॉ. कोली के प्रयासों ने कॉलेज को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया है।

हिंडौन सिटी। शिक्षा के मंदिर जब आधुनिक सुविधाओं से लैस होते हैं, तो न केवल विद्यार्थियों का भविष्य संवरता है बल्कि पूरे क्षेत्र की शैक्षणिक पहचान बदल जाती है। करौली जिले के प्रतिष्ठित राजकीय स्नातकोत्तर (पीजी) महाविद्यालय में इन दिनों विकास की एक ऐसी ही नई इबारत लिखी जा रही है, जिसकी चर्चा हर जुबान पर है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पप्पू राम कोली के विजनरी नेतृत्व में संस्थान न केवल आधारभूत ढांचे को मजबूत कर रहा है, बल्कि विद्यार्थियों को वे सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में अग्रसर है जो कभी केवल बड़े शहरों के निजी संस्थानों तक सीमित थीं।
महाविद्यालय की इस कायाकल्प यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव भूगोल और वनस्पति विज्ञान (बॉटनी) की हाईटेक प्रयोगशालाओं का निर्माण है। लगभग 75 लाख रुपए की भारी-भरकम लागत से तैयार हो रहीं ये अत्याधुनिक लैब 30 जून 2026 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। 30×50 फीट के विशाल आकार वाली इन प्रयोगशालाओं में विश्वस्तरीय उपकरण स्थापित किए जाएंगे, जो करीब 200 से अधिक छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर शोध और व्यावहारिक शिक्षा (प्रैक्टिकल) से जोड़ेंगे। इसके साथ ही विभागाध्यक्षों के लिए अलग कार्यालयों का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि शैक्षणिक प्रशासन में सुगमता आए।
वर्ष 1977 में अपनी स्थापना के बाद से इस कॉलेज ने कई दौर देखे, लेकिन 2023 में जब डॉ. पप्पू राम कोली ने कार्यभार संभाला, तब से विकास कार्यों को एक नई गति मिली। मूल रूप से करौली जिले के महसवा गांव के निवासी डॉ. कोली ने पदभार ग्रहण करते ही छात्र हित को प्राथमिकता दी। उनका मानना है कि स्थानीय होने के नाते हिंडौन के युवाओं को श्रेष्ठ सुविधाएं देना उनका नैतिक धर्म है। इसी का परिणाम है कि आज कॉलेज में लगभग 2 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्य प्रगति पर हैं। इसमें 7 लाख की लागत से बना भव्य मुख्य द्वार, सुव्यवस्थित पार्किंग स्टैंड और 60 लाख रुपए की लागत से निर्मित रिसर्च लैब शामिल है, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ी सौगात के रूप में 60 सीटों वाली एक आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी का काम अपने अंतिम चरण में है। निजी लाइब्रेरी की महंगी फीस से त्रस्त रहने वाले गरीब मेधावियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। यह लाइब्रेरी केवल कॉलेज के 1700 विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य छात्रों के लिए भी सुलभ होगी। सुबह 8 से शाम 6 बजे तक संचालित होने वाली इस लाइब्रेरी में केवल 200 रुपए के एकमुश्त कार्ड शुल्क पर छात्र निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। शिक्षाविदों का मानना है कि डॉ. कोली के ये प्रयास हिंडौन सिटी को आने वाले समय में एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे।

Pratahkal Bureau
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