हिंडौन सिटी के आशीष मेमोरियल स्कूल में 10 दिवसीय अभिरुचि शिविर का समापन
समर कैंप के आखिरी दिन छात्रों ने नृत्य, खेल और मार्शल आर्ट्स जैसी विभिन्न विधाओं में सीखे गए हुनर का प्रदर्शन कर अतिथियों को प्रभावित किया।

हिंडौन सिटी स्थित आशीष मेमोरियल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित 10 दिवसीय अभिरुचि शिविर के समापन समारोह के दौरान उपस्थित विद्यालय स्टाफ, शिक्षिकाएं और प्रबंधन समिति के सदस्य।
स्थानीय आशीष मेमोरियल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विगत 10 दिनों से गतिमान रचनात्मकता और कौशल विकास के महासंगम 'अभिरुचि शिविर' का शनिवार को अत्यंत गरिमामय माहौल में समापन हो गया। विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा को तराशने के उद्देश्य से आयोजित इस समर कैंप के समापन अवसर पर छात्र-छात्राओं के भीतर छिपी अभूतपूर्व कलात्मक क्षमताएं और उनका उत्साह खुलकर सामने आया, जिसने संपूर्ण विद्यालय परिवार और उपस्थित गणमान्य लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शिविर प्रभारी निशा खत्री एवं बृजेश नगर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष अभिरुचि शिविर में न केवल आशीष मेमोरियल स्कूल के बच्चों ने, बल्कि शहर के अन्य विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को आधुनिक और पारंपरिक विधाओं का अनूठा संगम सिखाया गया, जिसमें नृत्य, ड्राइंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, ताई कमांडो, कर्सिव राइटिंग, इंग्लिश स्पोकन, म्यूजिक, मेहंदी के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के इनडोर और आउटडोर गेम्स की सघन एवं व्यावहारिक शिक्षा प्रदान की गई। विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चों के भीतर छिपे हुनर को पहचानकर उसे सही दिशा देने और उनकी प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रतिवर्ष इस प्रकार के उच्च स्तरीय कैंपों का आयोजन पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया जाता है।
इस प्रशिक्षण अभियान को सफल बनाने में दक्ष प्रशिक्षकों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानाचार्य वर्धमान जैन ने शिविर के मुख्य मार्गदर्शकों की घोषणा करते हुए बताया कि डांस का प्रशिक्षण दिव्यांशी जैन द्वारा, ड्राइंग का अंकिता गौड़ द्वारा तथा आर्ट एंड क्राफ्ट का हुनर ललिता चौधरी द्वारा सिखाया गया। वहीं मेहंदी विधा में प्रभारानी और आशा मेंहरा ने, इंग्लिश स्पोकन में शुभम ने तथा ताई कमांडो के कड़े आत्मरक्षा के गुर जयेश व सौरभ ने सिखाए। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को खेलकूद के विभिन्न इनडोर व आउटडोर गेम्स की बारीकियाँ ललित सोनी, नीरज गोयल और दिलीप दिवाकर द्वारा अत्यंत कुशलता से सिखाई गईं।
समापन समारोह के मुख्य चरण में संस्था के प्रशासक अशोक शर्मा और पूर्व प्रधानाचार्य श्रीमती विकास शर्मा ने संयुक्त रूप से सभी संभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिविर में सीखी गई इन विधाओं और कौशलों को केवल यहीं तक सीमित न रखें, बल्कि इन्हें अपने दैनिक जीवन में उतारकर निरंतर अभ्यास करें, क्योंकि यही कलाएं भविष्य में व्यक्तित्व निर्माण का मुख्य आधार बनती हैं। उन्होंने सभी बच्चों के उज्जवल और सफल भविष्य की मंगलकामना की। इस ऐतिहासिक समापन वेला पर विद्यालय परिवार के रिशु जैन, लक्ष्मी, पूजा गुप्ता, सोनिया, अमृता कपूर, नेहा, रोशनी, मोना, पिंकी, पूनम जैन, सीमा गुप्ता, अर्चना जैन, आशीष कपूर, अवध श्रीवास्तव एवं बालमुकुंद महावर सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा और सभी ने बच्चों के इस बेहतरीन सफर की सराहना की।

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