हिंडौन: निस्वार्थ सेवा की मिसाल बने भामाशाह तनुज जांगिड़, विकास की बयार से बदली गांवों की सूरत
हिंडौन के युवा भामाशाह तनुज जांगिड़ ने निस्वार्थ सेवा से ग्रामीण विकास की नई मिसाल पेश की है। खातीपुरा में गौशाला निर्माण, खानाका में पुलिया निर्माण और मंदिरों के कायाकल्प से उन्होंने गांवों की तस्वीर बदल दी है। बिना किसी राजनीतिक पद के समाजसेवा में जुटे तनुज जांगिड़ के इन कार्यों ने क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाई दी है और युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं।

जटनंगला–हिंडौन। अक्सर कहा जाता है कि बदलाव के लिए सत्ता या पद की आवश्यकता होती है, लेकिन हिंडौन उपखंड के खातीपुरा निवासी एक युवा ने इस धारणा को अपनी कर्मठता से पूरी तरह बदल दिया है। युवा समाजसेवी और भामाशाह तनुज जांगिड़ आज क्षेत्र में ग्रामीण विकास और जनसेवा का एक ऐसा चेहरा बनकर उभरे हैं, जिनकी निस्वार्थ पहल से गांवों की तस्वीर बदल रही है। बिना किसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा और व्यक्तिगत लाभ के, तनुज जांगिड़ ने समाजसेवा को ही अपना परम धर्म मान लिया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर साफ नजर आने लगे हैं।
क्षेत्र में उनकी सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण पहल खातीपुरा के चेतना केंद्र के समीप निर्माणाधीन गौशाला है। बेसहारा गोवंश की पीड़ा को समझते हुए तनुज जांगिड़ स्वयं के स्तर पर इस विशाल गौशाला का निर्माण करवा रहे हैं, जिसका संचालन भी वे स्वयं ही करेंगे। यह न केवल बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय प्रदान करेगी, बल्कि क्षेत्र में पशु संरक्षण और सामाजिक चेतना के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। ग्रामीणों के लिए यह केंद्र गोसेवा और आस्था का एक व्यवस्थित संगम बनने जा रहा है।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासतों को सहेजने की दिशा में भी तनुज जांगिड़ का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने चामुंडा देवी मंदिर परिसर में पूर्ण विधि-विधान के साथ शिवलिंग की स्थापना करवाई है, जिससे मंदिर की धार्मिक गरिमा और श्रद्धालुओं के उत्साह में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। आस्था के प्रति इसी समर्पण को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राराशाहपुर स्थित प्रसिद्ध गणेश मंदिर में टीनशेड और एक भव्य विशाल द्वार का निर्माण भी कराया है। भीषण गर्मी और बारिश के मौसम में श्रद्धालुओं को होने वाली असुविधा अब बीते दौर की बात हो गई है, और मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है।
तनुज जांगिड़ की दूरदर्शिता केवल मंदिरों और गौशालाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने ग्रामीणों की बुनियादी समस्याओं का भी समाधान किया है। खानाका गांव में लंबे समय से बरसात के दिनों में आवागमन की गंभीर समस्या बनी हुई थी, जिसे देखते हुए उन्होंने निजी खर्च पर दो महत्वपूर्ण पुलियाओं का निर्माण कराया। आज स्कूल जाने वाले बच्चों, कड़ी मेहनत करने वाले किसानों और राहगीरों के लिए ये पुलियाएं किसी वरदान से कम नहीं हैं। उनके इन कार्यों ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो संसाधनों की कमी विकास की राह में बाधा नहीं बन सकती।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि तनुज जांगिड़ का यह सेवा पथ आज के युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। भामाशाह के रूप में उनके योगदान ने न केवल गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है, बल्कि समाज में एकजुटता और सेवा भाव की नई अलख जगाई है। बिना किसी दिखावे के किया जा रहा उनका यह प्रयास हिंडौन क्षेत्र के समग्र विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह देखा जा रहा है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
