हरियाली अमावस्या इस वर्ष 12 अगस्त बुधवार को शिव और शक्ति की आराधना के विशेष संयोग के साथ मनाई जाएगी। टोंक स्थित मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान के निदेशक बाबूलाल शास्त्री के अनुसार इस दिन चतुर्थ ग्रही योग बन रहा है। उन्होंने बताया कि सृष्टि के आधार और रचयिता स्त्री-पुरुष शिव एवं शक्ति के ही स्वरूप हैं। इनके मिलन और सृजन से संसार, जीव और प्राणी संचालित एवं संतुलित हैं। नारी प्रकृति और नर पुरुष एक-दूसरे के पूरक हैं तथा अर्धनारीश्वर शिव इसी पारस्परिकता के प्रतीक हैं।

बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि चंद्र स्त्री और सूर्य पुरुष का कर्क राशि में श्रावण कृष्ण अमावस्या को मिलन होता है। भगवान शिव की पूजा लिंग के रूप में की जाती है। संस्कृत में लिंग का अर्थ चिन्ह है। यह शिव यानी परमपुरुष और प्रकृति स्त्री के सम्मानित मिलन का चिन्ह है। शक्ति के अभाव में शिव, शिव न होकर शव रह जाता है।

उन्होंने बताया कि श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की हरियाली अमावस्या पर शिव और शक्ति की पूजा का उत्तम योग बन रहा है। इस वर्ष 12 अगस्त बुधवार को पूजा-अर्चना के लिए ग्रहों के अनुसार उत्तम संयोग के साथ चतुर्थ ग्रही योग भी बन रहा है।

मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान टोंक के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि 12 अगस्त बुधवार को सूर्योदय से अर्ध रात्रि 23.06 बजे तक अमावस्या रहेगी। इस दौरान पितरों एवं देवताओं को भोग लगाकर पूजन किया जाएगा। सूर्योदय से सुबह 07.59 बजे तक गुरु पुष्यामृत योग, गजकेसरी योग और सूर्याबुद्धायाति योग बन रहे हैं। उनके अनुसार इन योगों में भक्ति, आराधना और साधना का विशेष संबंध होने से सुवृष्टि, सुमित, कल्याणदायक एवं फलदायक परिणाम प्राप्त होते हैं।

उन्होंने बताया कि चतुर्थ ग्रही संयोग में शिव-शक्ति, पितर देव, कुलदेवता और देवताओं की पूजा करने से मनवांछित फलों की प्राप्ति होती है तथा दैविक, दैहिक और भौतिक दुखों से छुटकारा एवं मुक्ति मिलती है।

बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि काल गणना के अनुसार जब ग्रहों का समन्वय किसी पर्व योग में होता है तो मानव जीवन का कल्याण स्वत: ही हो जाता है। चंद्र, बुध और गुरु पुष्य नक्षत्र में, जबकि सूर्य अश्लेषा नक्षत्र और कर्क राशि में विचरण कर रहे हैं तथा चतुर्थ ग्रही योग बना रहे हैं। बुध देव अपनी मिथुन एवं कन्या राशि में स्थित मंगल एवं शुक्र के तथा देवगुरु बृहस्पति अपनी मीन राशि में स्थित शनि देव के तत्वों को लेकर ग्रहों से संबंध बनाकर आध्यात्मिक संबंध बना रहे हैं, जिससे शुभाशुभ बल मिल रहा है। ग्रहों के प्रभाव से संपूर्ण भारत में मानसून सक्रिय योग बनाकर वर्षा योग बना रहा है।

बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर शिव और शक्ति की आराधना देवी-देवता भी पृथ्वी पर आकर करते हैं। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए बिल्व पत्र, केसरयुक्त चंदन, पंच मेवा, आकड़े, धतूरे के पुष्प, भांग, पंचामृत आदि से अभिषेक कर पूजा करनी चाहिए तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना चाहिए।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

नाम: मदन मोहन गर्ग

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)

कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला

बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र

परिचय 

मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:

  • बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
  • एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)

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