हरिद्वार एक्सप्रेस चोरी मामला: आरपीएफ ने 4.50 लाख का माल बरामद किया
कोटा आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ट्रेन से कीमती गहने और नकदी चुराने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया।

तस्वीर में आरपीएफ अधिकारी और पुलिसकर्मी उस आरोपी के साथ खड़े हैं जिसे हरिद्वार एक्सप्रेस में चोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कोटा मंडल ने एक बार फिर अपनी कार्यक्षमता का लोहा मनवाते हुए हरिद्वार एक्सप्रेस में हुई एक बड़ी चोरी की गुत्थी सुलझा ली है। इस सराहनीय कार्रवाई में आरपीएफ ने लगभग 4.50 लाख रुपये मूल्य के चोरी हुए आभूषण और नकदी बरामद करने के साथ ही एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। यह घटना ट्रेन संख्या 19020 हरिद्वार एक्सप्रेस के कोच एम-1 में घटित हुई थी, जहाँ एक महिला यात्री का कीमती सामान से भरा पर्स पार कर दिया गया था।
मामले का विवरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद आरपीएफ कोटा की टीम पूरी तरह सक्रिय हो गई थी। चोरी हुए सामान में सोने का मंगलसूत्र, तीन जोड़ी बालियां, दो जोड़ी अंगूठियां और 50,000 रुपये की नकद राशि शामिल थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी कोटा द्वारा भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान रामगंजमंडी आरपीएफ प्रभारी ने बांद्रा टर्मिनस से संबंधित कोच की सीसीटीवी फुटेज हासिल की। फुटेज के सूक्ष्म विश्लेषण ने जांच की दिशा बदल दी, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति को कोच से पर्स चोरी करते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया।
प्राप्त साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सहायक सुरक्षा आयुक्त-प्रथम श्री यशवंत सिंह के कुशल निर्देशन में आरपीएफ मंडल टीम ने आरपीएफ रामगंजमंडी और जीआरपी कोटा के साथ एक संयुक्त अभियान चलाया। इस समन्वित प्रयास का परिणाम यह रहा कि आरोपी को रामगंजमंडी स्टेशन से धर दबोचा गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और चोरी का सारा सामान बरामद करने में पुलिस की मदद की। आरोपी की पहचान गुना, मध्य प्रदेश निवासी 21 वर्षीय चंदर शोंधिया के रूप में हुई है, जिसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में आरपीएफ की मंडल टीम के विभिन्न सदस्यों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह सफलता न केवल रेलवे पुलिस की त्वरित कार्रवाई को दर्शाती है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है। कोटा मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस उपलब्धि के लिए टीम की सराहना की है। साथ ही, रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा के दौरान कीमती सामानों के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत रेल मदद हेल्पलाइन या निकटतम आरपीएफ चौकी को सूचित करें। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि तकनीकी साक्ष्य और सतर्क सुरक्षा बल का तालमेल अपराधों को रोकने में कितनी प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

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