हनुमानगढ़: रास्ता खोलो अभियान के तहत 10 मई तक होगा रास्तों का चिन्हीकरण
जिला कलक्टर काना राम ने 30 जून तक बंद रास्तों को खोलने, नए मार्ग आवंटन और बजट 2026-27 की घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर काना राम कलेक्ट्रेट सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपखण्ड अधिकारियों और तहसीलदारों के साथ रास्ता खोलो अभियान की समीक्षा करते हुए।
जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से “रास्ता खोलो अभियान” की प्रगति एवं तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपखण्ड अधिकारियों, तहसीलदारों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ लंबित प्रकरणों, रास्तों के चिन्हीकरण एवं अभियान के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में 1 मई से 30 जून तक चल रहे इस “रास्ता खोलो अभियान” के अंतर्गत राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज लेकिन मौके पर बंद पड़े रास्तों, मौके पर मौजूद लेकिन रिकॉर्ड में दर्ज नहीं रास्तों तथा न्यायालयों में लंबित धारा 251-ए से संबंधित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान बुधवार एवं गुरुवार को विशेष रूप से पुलिस जाब्ते की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
कलक्टर ने सभी उपखण्ड अधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों में नियमित सुनवाई कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्थिति में अगली तिथि सात दिवस से अधिक आगे नहीं बढ़ाई जाए। उन्होंने उपखण्डवार रास्तों के चिन्हीकरण की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि 10 मई तक समस्त रास्तों का चिन्हीकरण कर अंतिम सूची प्रमाण-पत्र सहित जिला कार्यालय को भेजा जाए। इसके साथ यह प्रमाण-पत्र भी देना होगा कि सूचीबद्ध रास्तों के अतिरिक्त कोई भी रास्ता अतिक्रमण या रिकॉर्ड प्रविष्टि से शेष नहीं है।
उन्होंने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल, जनसुनवाई एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त रास्ता संबंधी प्रकरणों को भी प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश दिए। जहां आवश्यक हो, वहां जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय प्रतिष्ठित व्यक्तियों के माध्यम से समझाइश कर रास्ते खुलवाने तथा कानून-व्यवस्था की आशंका वाले मामलों में पुलिस सहायता से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
जिला कलक्टर ने राज्य सरकार की नई व्यवस्था का उल्लेख करते हुए बताया कि बजट वर्ष 2026-27 की घोषणा के तहत ऐसे खातेदार किसानों को राहत दी जाएगी, जिनकी कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए कोई व्यवहारिक मार्ग उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में यदि खातेदारी भूमि एवं सार्वजनिक मार्ग के बीच केवल राजकीय भूमि की संकरी पट्टी बाधा बन रही हो, तो अधिकतम 20 फीट चौड़ाई तक राजकीय भूमि आवंटित कर पहुंच मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि भूमि तक सुगम पहुंच, पुराने विवादों का समाधान तथा कृषि यंत्रों एवं सिंचाई कार्यों को सुचारू बनाना है। यह व्यवस्था केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी जहां कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने निर्देश दिए कि खुले हुए रास्तों पर ग्राम पंचायतों के माध्यम से मोरम डलवाकर उन्हें सुचारू रूप से चालू रखा जाए, ताकि पुनः अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो। जो रास्ते मौके पर मौजूद हैं लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, उन्हें भी अभिलेखों में दर्ज करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलक्टर ने सीमाज्ञान से संबंधित लंबित आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक तहसीलदार सप्ताह में कम से कम 10 रास्तों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें सुचारू रूप से चालू करवाएं तथा कार्रवाई की फोटो एवं विवरण नियमित रूप से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को उपलब्ध कराएं।
यह समीक्षा बैठक जिले में लंबे समय से लंबित रास्ता विवादों के समाधान और ग्रामीण पहुंच मार्गों को पुनः सुचारू बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
