सवाई माधोपुर में अमरूद महोत्सव 2026 की गूंज: 10 हजार किसानों के संगम के साथ तकनीकी नवाचार का लगेगा महाकुंभ
सवाई माधोपुर में 18-19 जनवरी को आयोजित होने वाले भव्य 'अमरूद महोत्सव 2026' की तैयारियां तेज हो गई हैं। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के निर्देशन में होने वाले इस समागम में 10 हजार किसान भाग लेंगे। 150 तकनीकी स्टॉल्स, वैज्ञानिक संवाद और नवाचारों के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की इस मुहिम की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। जानिए इस महोत्सव की पूरी रूपरेखा।

सवाई माधोपुर, 9 जनवरी। रणथंभौर की ऐतिहासिक धरा सवाई माधोपुर एक बार फिर कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए तैयार है। कृषि एवं उद्यानिकी, ग्रामीण विकास तथा आपदा राहत मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के दूरदर्शी निर्देशन और जिला कलक्टर काना राम की कुशल कार्ययोजना के अंतर्गत आगामी 18 व 19 जनवरी को शहर के दशहरा मैदान में भव्य 'अमरूद महोत्सव-2026' का आयोजन होने जा रहा है। इस महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को फूल उत्कृष्टता केंद्र के सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कृषि आयुक्तालय द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी और अतिरिक्त निदेशक कृषि (तिलहन) भरतपुर खंड देशराज सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक ने महोत्सव की भव्यता की नींव रख दी है।
बैठक के दौरान देशराज सिंह ने स्पष्ट किया कि यह महोत्सव केवल एक प्रदर्शनी मात्र नहीं, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने और तकनीकी सशक्तिकरण का एक सशक्त मंच बनेगा। महोत्सव में लगभग 10 हजार किसानों की विशाल भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया गया कि दशहरा मैदान में 150 से अधिक तकनीकी स्टॉल्स लगाई जाएंगी, जहां नवाचारों और आधुनिक कृषि यंत्रों का जीवंत प्रदर्शन होगा। भरतपुर खंड के संयुक्त निदेशक उद्यान योगेश कुमार शर्मा ने महोत्सव के शैक्षणिक और तकनीकी सत्रों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। इसमें कृषक-वैज्ञानिक संवाद, पशुपालन चौपाल और विभिन्न तकनीकी परिचर्चाओं के माध्यम से किसानों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने की योजना तैयार की गई है।
प्रशासनिक स्तर पर 10 हजार आगंतुकों के प्रबंधन के लिए विस्तृत ले-आउट प्लान तैयार कर लिया गया है। अतिरिक्त निदेशक ने जिला कलक्टर काना राम के निर्देशों का हवाला देते हुए विभिन्न जिलों से आने वाले किसानों के लिए सुगम परिवहन, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इस महाकुंभ में न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान होगा, बल्कि उत्कृष्ट अमरूद उत्पादन और कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले किसानों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूर्ण करने का संकल्प लिया, ताकि आगंतुक वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को एक बेहतर मंच मिल सके और किसान तकनीक के इस नए दौर से सीधे जुड़ सकें।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि राकेश कुमार अटल, भरतपुर के उपनिदेशक कृषि हब्बलसिंह, परियोजना निदेशक (आत्मा) अमर सिंह, और उद्यान विभाग के उपनिदेशक चंद्र प्रकाश बढ़ाया ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। इसके साथ ही फूल उत्कृष्टता केन्द्र के उपनिदेशक लखपत लाल मीणा, सहायक निदेशक खेमराज मीणा, बृजेश मीणा, भरतपुर के सहायक निदेशक राधारमन शर्मा, सहायक कृषि अधिकारी पिंटू पहाड़ी, विजय जैन और रासबिहारी गुप्ता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए नियुक्त अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। यह महोत्सव सवाई माधोपुर के प्रसिद्ध अमरूद को वैश्विक पहचान दिलाने और क्षेत्रीय किसानों के आर्थिक उन्नयन की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा, जो कृषि जगत में विकास की एक नई गाथा लिखेगा।

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