पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के तीखे तेवरों और सख्त निर्देशों के बाद गंगापुर सिटी क्षेत्र में स्वच्छता अभियान को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। स्वच्छता कार्यों में बरती गई घोर लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसके तहत 3 ग्राम विकास अधिकारियों (VDO) को चार्जशीट थमाने के साथ ही 10 ग्राम पंचायतों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

स्वच्छता व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानने के लिए खंड विकास अधिकारी डॉ. जगदीश गुर्जर के नेतृत्व में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्राम पंचायत श्यारोली एवं सेवा में स्वच्छता की स्थिति पूरी तरह ध्वस्त पाई गई। इन गांवों में घर-घर कचरा संग्रहण का कार्य बंद मिला, नालियां गंदगी से बजबजा रही थीं और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के अंबार लगे थे। पूर्व में दिए गए स्पष्ट निर्देशों की निरंतर अवहेलना करने पर इन दोनों ग्राम विकास अधिकारियों के विरुद्ध चार्जशीट जारी कर सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में, अधीक्षण अभियंता मुकेश माहेश्वरी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में ग्राम पंचायत खानपुर बड़ौदा की व्यवस्थाएं भी बेहद असंतोषजनक मिलीं, जिसके परिणामस्वरूप संबंधित VDO के विरुद्ध 17 CCA के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

निरीक्षण की आंच ब्लॉक की 10 अन्य ग्राम पंचायतों तक भी पहुंची है। अहमपुर, अमरगढ़, छावा, बुचोलाई, बगलाई, हिंगोटिया, जिवली, बामन, बड़ौदा और खानपुर बड़ौदा में नियमित सफाई न होने, कचरा निस्तारण की समुचित व्यवस्था के अभाव और सार्वजनिक स्थलों पर व्याप्त गंदगी के कारण इन पंचायतों को कारण बताओ नोटिस थमाए गए हैं।

खंड विकास अधिकारी डॉ. जगदीश गुर्जर ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के स्पष्ट निर्देश हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डॉ. गुर्जर ने चेतावनी दी कि श्यारोली, सेवा और खानपुर बड़ौदा में बार-बार हिदायत के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी, जिसके कारण यह कड़ी कार्रवाई अनिवार्य हो गई। शेष 10 पंचायतों को व्यवस्था सुधारने के लिए 7 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा में कचरा संग्रहण और नाली सफाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो संबंधितों के विरुद्ध चार्जशीट और वेतन रोकने जैसी कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

प्रशासनिक स्तर पर मची यह हलचल मंत्री मदन दिलावर के उस कड़े रुख का परिणाम है, जिसमें उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिलों को चेतावनी दी थी कि स्वच्छता में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री की इसी चेतावनी के बाद से धरातल पर ताबड़तोड़ निरीक्षणों का दौर जारी है, जिसने सरकारी तंत्र में हड़कंप मचा दिया है।

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