डिबस्या छात्रावास के विस्तार को 70 लाख, वजीरपुर में बालक आश्रम भवन को 4.88 करोड़ की मंजूरी
डिबस्या के राजकीय बालिका आश्रम छात्रावास में अतिरिक्त निर्माण के लिए 70 लाख और वजीरपुर में बालक आश्रम छात्रावास के नए भवन के लिए 4.88 करोड़ रुपये की स्वीकृति से जनजातीय विद्यार्थियों को नई सुविधाएं मिलेंगी।

गंगापुर सिटी। जनजातीय क्षेत्र में शिक्षा और आवासीय सुविधाओं के विस्तार को लेकर डिबस्या और वजीरपुर के लिए बड़ी स्वीकृतियां जारी हुई हैं। डिबस्या स्थित राजकीय बालिका आश्रम छात्रावास में अतिरिक्त निर्माण कार्यों के लिए 70 लाख रुपये तथा वजीरपुर में राजकीय बालक आश्रम छात्रावास के नवीन भवन निर्माण के लिए 4.88 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।
वर्ष 2012-13 में तत्कालीन विधायक एवं संसदीय सचिव श्री रामकेश मीना की अनुशंषा एवं विशेष पहल पर भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय (MOTA) द्वारा डिबस्या में राजकीय बालिका आश्रम छात्रावास स्वीकृत किया गया था। इस छात्रावास के माध्यम से क्षेत्र की जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा के लिए सुरक्षित, सुविधायुक्त एवं बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिल रही है।
अब इसी छात्रावास के सुदृढ़ीकरण और आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए एक और कदम उठाया गया है। 17 अगस्त 2026 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA) के अनुमोदन के आधार पर जनजाति क्षेत्र विकास विभाग, उदयपुर द्वारा राजकीय बालिका आश्रम छात्रावास, डिबस्या में अतिरिक्त निर्माण कार्यों के लिए 70 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई।
इसके साथ ही वजीरपुर में राजकीय बालक आश्रम छात्रावास के नवीन भवन निर्माण के लिए 488 लाख रुपये अर्थात 4.88 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। इससे क्षेत्र के जनजातीय बालकों के लिए बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़ी आधारभूत संरचना विकसित होगी।
डिबस्या स्थित राजकीय बालिका आश्रम छात्रावास में अतिरिक्त निर्माण और सुविधाओं के विस्तार से दूर-दराज के ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों की बालिकाओं को पढ़ाई जारी रखने में सुविधा मिलेगी। छात्रावास में बेहतर आवासीय व्यवस्था होने से बालिकाओं को प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर विद्यालय जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।
इससे अभिभावकों को भी अपनी बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा एवं आवास को लेकर अधिक भरोसा मिलेगा। छात्रावास की सुविधाओं के विस्तार से बालिकाओं की नियमित उपस्थिति, शिक्षा की निरंतरता तथा आगे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
वजीरपुर में 4.88 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय बालक आश्रम छात्रावास के नवीन भवन का निर्माण क्षेत्र के जनजातीय बालकों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नए भवन से विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं सुविधायुक्त आवासीय वातावरण के साथ शिक्षा के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
यह स्वीकृति विशेष रूप से उन ग्रामीण एवं जनजातीय परिवारों के बच्चों के लिए उपयोगी होगी, जिनके लिए गांव से बाहर रहकर शिक्षा प्राप्त करना आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कठिन होता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2012-13 में तत्कालीन विधायक एवं संसदीय सचिव रामकेश मीना ने डिबस्या क्षेत्र की जनजातीय बालिकाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राजकीय बालिका आश्रम छात्रावास की स्वीकृति के लिए प्रभावी अनुशंषा एवं पहल की थी। उस समय की गई यह पहल आज भी क्षेत्र की बालिकाओं के लिए उपयोगी साबित हो रही है। अब उसी छात्रावास में 70 लाख रुपये के अतिरिक्त निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलना उस पहल को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इसी प्रकार वजीरपुर में 4.88 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय बालक आश्रम छात्रावास के नवीन भवन का निर्माण क्षेत्र के जनजातीय बालकों की शिक्षा के लिए नई सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।
विधायक रामकेश मीना ने कहा, “जनजातीय क्षेत्र के बेटों और बेटियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। डिबस्या बालिका आश्रम छात्रावास में अतिरिक्त निर्माण के लिए 70 लाख रुपये तथा वजीरपुर में बालक आश्रम छात्रावास के नवीन भवन के लिए 4.88 करोड़ रुपये की स्वीकृति से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। हमारा प्रयास है कि आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियों के कारण किसी भी जनजातीय बालक या बालिका की शिक्षा बाधित न हो।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होने से जनजातीय समाज के बच्चों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर समाज एवं क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों ने राजकीय बालिका आश्रम छात्रावास, डिबस्या के अतिरिक्त निर्माण के लिए 70 लाख रुपये तथा वजीरपुर में राजकीय बालक आश्रम छात्रावास के नवीन भवन के लिए 488 लाख रुपये की स्वीकृति का स्वागत किया। उन्होंने इसे क्षेत्र के जनजातीय बालक-बालिकाओं की शिक्षा और क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)
नाम: मदन मोहन गर्ग
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)
कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला
बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र
परिचय
मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:
- बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
- एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)
