गंगापुर सिटी। राजस्थान के शैक्षिक परिदृश्य में शिक्षकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संकल्पित राजस्थान शिक्षक संघ 'सियाराम' ने गंगापुर सिटी में एक महत्वपूर्ण हुंकार भरी है। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में आयोजित इस सांगठनिक बैठक में प्रदेश, जिला और उपशाखा कार्यकारिणी के सदस्यों ने एक मंच पर आकर शिक्षकों की लंबित समस्याओं और प्रशासनिक विसंगतियों पर गहन मंथन किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ प्रदेश मंत्री सोहन लाल गुप्ता और जिला अध्यक्ष सुरेश चन्द शर्मा के नेतृत्व में मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। बैठक की शुरुआत में ही उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब सदन को अवगत कराया गया कि ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के एक कार्मिक द्वारा संगठन के प्रदेश मंत्री को वॉइस कॉल पर धमकी दी गई। इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए सदन ने सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया, जो शिक्षक समुदाय के स्वाभिमान की रक्षा के संकल्प को दर्शाता है।

बैठक के दौरान स्थानीय ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए गए। शिक्षकों ने मांग की कि 15 किलोमीटर से अधिक दूरी पर नियुक्त सभी केआरपी (KRP) को नियमानुसार टीए और डीए का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, कार्यालय में मौखिक आदेशों के आधार पर हो रही कर्मचारियों की नियुक्तियों पर आपत्ति जताते हुए इसे नियम विरुद्ध बताया गया। प्रशिक्षण व्यवस्थाओं में खामियों को उजागर करते हुए बताया गया कि सवाई माधोपुर से आने वाले शिक्षकों के नाम ऐन वक्त पर परिवर्तित किए जाते हैं, जिससे वे समय पर प्रशिक्षण स्थल पर नहीं पहुंच पाते। एक और गंभीर मुद्दा प्रधानाचार्यों की सेवा पुस्तिकाओं का रहा, जो वर्षों से प्रदर्शित नहीं की गई हैं। इसके चलते 300 से अधिक पीएल (PL) होने पर बिना सूचना के उनकी कटौती कर दी जाती है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

प्रशासनिक स्तर पर उप जिला कलेक्टर कार्यालय से संबंधित मांगों को रखते हुए संगठन ने स्पष्ट किया कि 55 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों और एकल शिक्षकों को बीएलओ (BLO) कार्य से मुक्त रखा जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, 1 जनवरी से 5 जनवरी 2026 तक शीतकालीन अवकाश के दौरान बीएलओ द्वारा किए गए एसआईआर कार्य के आधिकारिक आदेश जारी करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई। प्रदेश स्तरीय समस्याओं पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जर्जर हो चुके विद्यालय भवनों, जिन्हें ध्वस्त किया जा चुका है, उनके पुनर्निर्माण के लिए बजट का तत्काल आवंटन होना चाहिए। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में भी बजट की कमी के कारण वेतन व्यवस्था चरमरा रही है, जिसे सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता है। शिक्षकों ने सरकार की पति-पत्नी स्थानांतरण नीति के कड़ाई से पालन और बंद पड़े म्यूचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया को पुनः शुरू करने की मांग की।

इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षक हितों की रक्षा के लिए श्रीजेश गुर्जर, सोहन लाल गुप्ता, सुरेश चंद शर्मा, नरेश सिसोदिया, सुरेश चंद्र गर्ग, पवन शर्मा, फिरोज खान, वेद प्रकाश गुप्ता, रघुवीर जाटव, मिट्ठू लाल जी शर्मा, विनोद त्रिवेदी, मोहिद खान, नितेश जांगिड़ और गोपाल लाल गुप्ता सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। यह बैठक न केवल समस्याओं के निवारण का मंच बनी, बल्कि इसने प्रशासन को यह स्पष्ट संदेश भी दिया कि शिक्षक संगठन अपने सदस्यों के साथ हो रहे किसी भी प्रकार के अन्याय या अभद्र व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा। अंत में, यह सभा शिक्षक एकता के जयघोष के साथ संपन्न हुई, जिसका व्यापक प्रभाव आने वाले दिनों में विभागीय स्तर पर देखने को मिल सकता है।

Pratahkal Bureau

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