जयपुर/गंगापुर सिटी। राजस्थान की राजधानी जयपुर के गांधी नगर स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के प्रांगण में आज से शिक्षा जगत की भविष्यगामी नीतियों और शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर मंथन का महाकुंभ शुरू हो गया है। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का आगाज शुक्रवार को अत्यंत उत्साह और संकल्प के साथ हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराने के लिए गंगापुर सिटी, वजीरपुर और बामनवास क्षेत्र के लगभग 50 शिक्षक-शिक्षिकाओं का दल प्रदेश मंत्री सोहन लाल गुप्ता के नेतृत्व में शुक्रवार प्रातः 7:00 बजे जयपुर के लिए रवाना हुआ। यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक मिलन मात्र नहीं है, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार और शिक्षकों के अधिकारों के लिए एक निर्णायक मंच साबित होने जा रहा है।

सम्मेलन के भव्य उद्घाटन समारोह की गरिमा को बढ़ाने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में सिविल लाइन विधायक गोपाल लाल शर्मा, जुगल किशोर, रामपाल गुर्जर, रवि नैय्यर, महेंद्र सिंह चौधरी और मुख्य वक्ता के रूप में प्रखर विद्वान मोहन लाल छीपा उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र के उपरांत दो दिनों तक चलने वाली विभिन्न बैठकों में शिक्षा के स्तर को ऊंचाइयों पर ले जाने, विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण के बीज बोने और शिक्षकों के प्रशासनिक हितों जैसे गंभीर विषयों पर गहन चिंतन किया जाएगा। सम्मेलन का मुख्य केंद्र बिंदु राज्य सरकार के समक्ष एक स्थाई एवं पारदर्शी स्थानांतरण नीति की मांग करना है, विशेष रूप से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण और सभी संवर्गों की डीपीसी (पदोन्नति) की अटकी प्रक्रियाओं को सुचारू करना इस विचार-विमर्श का प्राथमिक लक्ष्य है।

शिक्षक नेताओं ने जोर देकर कहा कि वर्तमान में पीईईओ पर बढ़ता कार्यभार, शिक्षकों का समानीकरण और गैर-शैक्षणिक कार्यों का निरंतर दबाव शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रभावित कर रहा है। इन सभी विसंगतियों को दूर करने के लिए सम्मेलन के दूसरे दिन, यानी 3 जनवरी को, एक व्यापक मांग पत्र तैयार किया जाएगा जिसे राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। इस प्रांतीय समागम में भाग लेने वाले शिक्षकों के लिए आवास और भोजन की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है, ताकि वे निर्बाध रूप से वैचारिक मंथन में अपना योगदान दे सकें।

इस ऐतिहासिक सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वालों में सुरेश चंद्र शर्मा, फिरोज खान, सुनील शर्मा, जितेंद्र वर्मा, कमलेश मीणा, सोहन लाल गुप्ता, गोपाल लाल गुप्ता, गिरीश कुमार गुप्ता, नरेश सिसोदिया, शिवचरण मीणा, श्रीजेश गुर्जर, सत्य प्रकाश गर्ग, फिरोज खान (अन्य), कैलाश चंद शर्मा, महेश चंद जैन, चंद्रप्रकाश गर्ग, श्रीमती रेखा रानी मित्तल, साक्षी, विमलेश चतुर्वेदी, रघुवीर जाटव, पवन कुमार शर्मा और सुल्तान मीणा सहित क्षेत्र के दर्जनों शिक्षक बंधु शामिल हैं। यह सम्मेलन आने वाले समय में राजस्थान की शिक्षा नीति और शिक्षक कल्याण के मार्ग को प्रशस्त करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

Pratahkal Bureau

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