गंगापुर सिटी। मेला दरबार साहिब हथंगे वालों का 51वां उत्सव वरसी संत कांजीराम साहिब की बुधवार को यहां सिंधी कॉलोनी में मनाया गया। इस दौरान सिंधी कॉलोनी संत काजीराम दरबार में मेला आयोजित हुआ। शाम को सिंधी समाज की ओर से जुलूस निकाला गया जिसमें श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा।

धार्मिक अनुष्ठानों और भंडारे के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ

सिंधी समाज सेवा समिति के अध्यक्ष जगदीश हेमनानी ने बताया कि "बुधवार सुबह कार्यक्रमों की शुरुआत झंडारोहण के साथ की गई।" इसके बाद दोपहर 12 बजे मुंडन और इसके बाद दोपहर एक बजे से भंडारा आयोजित किया गया। भंडारे में समाज के सैकड़ों महिला, पुरुषों, युवा-बच्चे और बुजुर्गों ने पंगत में बैठ कर प्रसादी ग्रहण की।

रंग-बिरंगी पोशाकों और डांडिया नृत्य के बीच निकला भव्य जुलूस

शाम करीब 6 बजे संतों का जुलूस शुरू हुआ। झूलेलाल मंडल अध्यक्ष ललित चंदानी ने बताया कि "कार्यक्रम में सिंधी समाज के सैकड़ों की तादात में लोग मौजूद थे।" जुलूस सिंधी कॉलोनी स्थित झूलेलाल मंदिर से शुरू हुआ। जुलूस में सिंधी समाज के पुरुष व महिलाएं रंग-बिरंगी पोशाक पहनकर शामिल हुए। यह जुलूस संतोषी माता मंदिर मालगोदाम रोड, नेहरु पार्क, देवी स्टोर चौराहा, चौपड़ बाजार, बालाजीचौक, कैलाश टॉकीज, जामा मस्जिद मार्ग, फव्वारा चौक, कचहरी रोड होकर वापस मंदिर पहुंचा। जुलूस में शामिल उत्साही महिला पुरुष और युवा भजनों पर डांडिया खनकाते हुए चल रहे थे। मार्ग में जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया गया।

भजन संध्या और पल्लव अरदास के साथ उत्सव का समापन

वहीं शाम 7 बजे संतों की संध्या आरती हुई, जिसमें समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रात्रि 8 बजे से पुनः भंडारा आयोजित किया गया। इसके बाद रात्रि 9 बजे से सत्संग और भजन संध्या हुई, जिसमें विभिन्न भजन मंडलियों द्वारा अपनी प्रस्तुतियां दी गईं। श्रद्धालु पूरी रात भक्ति संगीत और सत्संग का आनंद लेते रहे। कार्यक्रम का समापन 12 मार्च की सुबह 5 बजे पल्लव अरदास के साथ किया जाएगा। इसके बाद संतों के आशीर्वाद के साथ वरसी उत्सव का विधिवत समापन होगा।

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