गंगापुर सिटी: श्री राम फार्मा पर गिरी गाज, अनियमितताओं के चलते थोक दवा लाइसेंस 7 दिन के लिए निलंबित
सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई। सहायक औषधि नियन्त्रक चन्द्र प्रकाश जाटव ने अनियमितताएं मिलने पर ईदगाह मोड़ स्थित 'मैसर्स श्री राम फार्मा' का थोक दवा लाइसेंस 7 दिनों के लिए निलंबित किया। 12 से 18 जनवरी 2026 तक फर्म में दवाइयों के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन का कड़ा प्रहार।

गंगापुर सिटी/सवाई माधोपुर। दवा बाजार में नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी स्थित एक प्रतिष्ठित फर्म पर बड़ी कार्रवाई गाज बनकर गिरी है। स्वास्थ्य विभाग और औषधि नियंत्रण विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के दवा विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। मामला ईदगाह मोड़ स्थित 'मैसर्स श्री राम फार्मा' का है, जिसके थोक औषधि अनुज्ञापत्र (होलसेल ड्रग लाइसेंस) को गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई की कमान अनुज्ञापन अधिकारी एवं सहायक औषधि नियन्त्रक चन्द्र प्रकाश जाटव ने संभाली। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पिछले दिनों टीम द्वारा उक्त फर्म का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान स्टॉक के रखरखाव और दस्तावेजों के मिलान में कई ऐसी खामियां पाई गईं जो औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमों का स्पष्ट उल्लंघन थीं। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारी चन्द्र प्रकाश जाटव ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम 1945 के नियम 66 के तहत प्रदत्त अपनी शक्तियों का प्रयोग किया और फर्म के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाया।
सरकारी आदेश के मुताबिक, मैसर्स श्री राम फार्मा का थोक औषधि अनुज्ञापत्र आगामी 12 जनवरी से 18 जनवरी 2026 तक कुल 7 दिनों के लिए निलंबित रहेगा। इस अवधि के दौरान फर्म किसी भी प्रकार की औषधियों का क्रय-विक्रय या व्यापारिक लेन-देन नहीं कर सकेगी। प्रशासन की यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली या नियमों को ताक पर रखने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। औषधि विभाग द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि बाजार में केवल मानकीकृत और विधिवत प्रलेखित दवाइयों का ही प्रसार हो। इस फैसले के बाद अब जिले भर के औषधि विक्रेताओं को अपने रिकॉर्ड और कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखने की कड़ी चेतावनी मिल गई है।

