गंगापुर सिटी। राजस्थान सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार मिड-डे मील योजना की जमीनी हकीकत परखने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। जिला कलेक्टर सवाई माधोपुर द्वारा जारी सख्त निर्देशों की अनुपालना में उप जिला कलेक्टर बृजेंद्र मीना ने गुरुवार को औचक निरीक्षण की कमान संभाली। इस दौरान एसडीएम ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बगलाई एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सैवाला में अचानक पहुंचकर मिड-डे मील कार्यक्रम के तहत परोसे जा रहे भोजन की सघन जांच की। प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उप जिला कलेक्टर स्वयं विद्यार्थियों के साथ पंक्ति में बैठे और उनके साथ भोजन साझा कर स्वाद व गुणवत्ता का प्रत्यक्ष जायजा लिया।

निरीक्षण के केंद्र में न केवल भोजन का स्वाद था, बल्कि रसोईघर की स्वच्छता व्यवस्था, निर्धारित मेन्यू के अनुसार वितरण प्रक्रिया और खाद्यान्न के भंडारण के मानकों का भी गहन विश्लेषण किया गया। मौके पर मौजूद कमियों और व्यवस्थाओं को देखते हुए उप जिला कलेक्टर ने संबंधित स्टाफ को कड़े लहजे में हिदायत दी कि भोजन निर्माण के समय स्वच्छता से कोई समझौता न किया जाए और सरकार द्वारा तय मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित हो। उन्होंने प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देशित किया कि इस योजना का मूल उद्देश्य छात्र-छात्राओं को केवल पेट भरना नहीं, बल्कि उन्हें पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण आहार उपलब्ध कराना है, अतः भविष्य में इस पुनीत कार्य में किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की इस सक्रियता ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों के स्वास्थ्य और अधिकारों के प्रति कोताही बरतने वाले कार्मिकों पर गाज गिरना तय है।

Pratahkal Newsroom

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