गंगापुर सिटी: कड़ाके की ठंड के बीच रैन बसेरों और अन्नपूर्णा रसोई की जमीनी हकीकत परखने आधी रात को निकले एसडीएम बृजेन्द्र मीना
गंगापुर सिटी में शीतलहर के बीच एसडीएम बृजेन्द्र मीना ने देर रात अन्नपूर्णा रसोई और रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं भोजन चखकर गुणवत्ता परखी और अधिकारियों को कड़ाके की ठंड में निराश्रितों के लिए पर्याप्त रजाई-कंबल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की इस सक्रियता से व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद है।

गंगापुर सिटी। भीषण शीतलहर और गिरते पारे के बीच प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहा है। आमजन, विशेषकर निराश्रित और जरूरतमंद लोगों को ठंड से राहत दिलाने के दावों की जमीनी हकीकत जानने के लिए उप जिला कलेक्टर बृजेन्द्र मीना ने बुधवार देर रात शहर का औचक निरीक्षण किया। रात करीब 08:30 बजे जब शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा था, तब एसडीएम ने रेलवे स्टेशन और कोलीपाडा स्थित रैन बसेरों व अन्नपूर्णा रसोई का रुख किया ताकि व्यवस्थाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता को परखा जा सके।
निरीक्षण की शुरुआत रेलवे स्टेशन पर संचालित अन्नपूर्णा रसोई से हुई, जहाँ बृजेन्द्र मीना ने सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत परोसे जा रहे भोजन की बारीकी से जांच की। उन्होंने न केवल रसोई में सफाई व्यवस्था, भंडारण कक्ष, शिकायत पंजिका और रियायती सुविधाओं के बोर्डों का अवलोकन किया, बल्कि वहां मौजूद आम लोगों से भोजन के स्वाद और पौष्टिकता पर फीडबैक भी लिया। गुणवत्ता को लेकर किसी भी संशय को दूर करने के लिए एसडीएम ने स्वयं भोजन चखकर उसकी शुद्धता और गर्माहट को सुनिश्चित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मात्र 8 रुपये में मिलने वाला यह भोजन श्रमिकों और असहायों के लिए न केवल सस्ता बल्कि स्वास्थ्यवर्धक भी होना चाहिए।
इसके पश्चात एसडीएम बृजेन्द्र मीना कोलीपाडा स्थित रैन बसेरे और आश्रय स्थल पहुंचे। वहां उन्होंने आश्रय ले रहे व्यक्तियों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। कड़ाके की ठंड को देखते हुए उन्होंने रजाई-गद्दों की स्वच्छता, कंबलों की पर्याप्त संख्या और रैन बसेरे में पेयजल व शौचालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपस्थित कार्मिकों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि रैन बसेरों का संचालन प्रतिदिन शाम से सुबह तक अनिवार्य रूप से हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी जरूरतमंद खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो।
निरीक्षण के अंत में उप जिला कलेक्टर ने आमजन से मानवीय अपील करते हुए कहा कि आसपास के किसी भी बेघर, वृद्ध या असहाय व्यक्ति को इन सरकारी सुविधाओं तक पहुँचाने में प्रशासन का सहयोग करें। इस औचक कार्रवाई ने सरकारी मशीनरी में तत्परता का संचार किया है, जिससे यह संदेश गया है कि जनसुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की इस सक्रियता से कड़ाके की सर्दी में फुटपाथ पर जीवन बसर करने वालों को एक सुरक्षित और गर्म छत मिलने की उम्मीद जगी है।

