गंगापुर सिटी में सवर्ण समाज की महापंचायत में आगामी पंचायत राज एवं नगर निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों से दूरी बनाने और उनके बहिष्कार का निर्णय लिया गया। रविवार शाम 7:00 बजे भगवती पैलेस में आयोजित आमसभा में गंगापुर नगर परिषद क्षेत्र सहित आसपास के प्रबुद्ध एवं गणमान्य सवर्ण समाज के बंधुओं ने भाग लिया। यह निर्णय ईडब्ल्यूएस वर्ग में आरक्षण की उपेक्षा एवं यूजीसी काले कानून के विरोध में लिया गया।

महापंचायत की आमसभा को राजेंद्र वैद्य, वीके शर्मा शिक्षा विद, शिक्षा अधिकारी किशनपाल सिंह, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी गोविंद दीक्षित, दीपक चंद्रप्रकाश पाराशर, वेद प्रकाश मंगल, नरेश दुबे, गोपाल दीक्षित, नीरज काडौल्या एडवोकेट, अनिल दुबे, हरिकिशन भारद्वाज, महेश पाल सिंह, हेमेंद्र बोहरा, मदन मोहन भारद्वाज, शिवचरण अन्ना, सुरेंद्र जैमिनी, गोपाल गर्ग बेराडा, निर्मल अमर गढ़िया, ब्राह्मण समाज महू के अध्यक्ष कृष्णा दीपक शास्त्री, कुंदन गुप्ता, देवेंद्र लवली, प्रहलाद प्रिंसिपल, महेश कैमरा, घनश्याम स्काउट, घनश्याम बजाज, राधा मोहन गोयल, अवधेश सेवा, श्याम सुंदर, शुभम, अमित, देवेंद्र जैमिनी, मनोज शर्मा, मुकेश व्यास, राम चरण बौहरा आदि वक्ताओं ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि जिस भाजपा पार्टी को सवर्णों ने सींचा और दो से यहां तक ले आए कि आज 12 वर्षों से केंद्र में सत्ता पर काबिज है, आज वही पार्टी सवर्ण समाज की दुश्मन बनकर समाज एवं समाज के बच्चों को प्रताड़ित करने का कार्य कर रही है।

वक्ताओं ने कहा कि दलितों को आरक्षण का उनका कोई विरोध नहीं है। दलितों को उस वक्त आरक्षण इसलिए मिला कि वे लोकतंत्र की मुख्यधारा में सभी समाजों के साथ जुड़ सकें और उन्हें समान अधिकार मिले। लेकिन आज सवर्ण समाज की स्थिति भाजपा सहित सभी राजनीतिक दलों ने वोट की खातिर उस वक्त की दलितों की स्थिति से भी बदतर कर दी है।

वक्ताओं ने कहा कि संविधान में सभी को समान जीने का अधिकार और समान कानून का अधिकार है, लेकिन सवर्ण समाज के बच्चों पर गलत आरोप लगाने पर न्यायालय में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं हो। इस प्रकार के प्रावधान संविधान में बाबा साहब ने नहीं बनाए। सवर्ण समाज के बच्चों को प्रताड़ित करने वाले कानून को लागू करने की केंद्र सरकार की हठधर्मिता पर कांग्रेस पार्टी सहित अन्य राजनीतिक दल मौन हैं।

वक्ताओं ने कहा कि अब सवर्ण समाज जाग गया है और जो समाज भाजपा को फर्श से शीर्ष पर पहुंचा सकता है, वही समाज अब आने वाले चुनावों में भाजपा को आइना दिखा देगा।

महापंचायत में कहा गया कि पंचायत राज एवं नगर निकाय चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं दिया जाएगा और उनका बहिष्कार किया जाएगा। केंद्र एवं राज्य में शासित भाजपा पार्टी का तो पूर्ण रूप से बहिष्कार करना होगा। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा का विरोध एवं बहिष्कार पंचायत राज और नगर निकाय चुनाव से विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव तक रहेगा, रुकेगा नहीं।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे भाजपा नेता सत्ता की कुर्सी के नशे में मदहोश होकर लोकतंत्र में अलोकतांत्रिक तरीके से संविधान का गलत इस्तेमाल करके वोट की राजनीति कर रहे हैं, जिससे किसी का भला होने वाला नहीं है।

वक्ताओं ने कहा कि अब शिक्षा को भी नहीं छोड़ा गया है। वहां भी छेड़छाड़ करके यूजीसी एक्ट में काले कानून बनाकर सवर्ण समाज के बच्चों का भविष्य खराब करने पर तुले हैं, जिसे सवर्ण समाज बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। इसका परिणाम आने वाले पंचायत राज, नगर निकाय, विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में बहिष्कार करके दिया जाएगा, जिसकी शुरुआत हो चुकी है।

सवर्ण समाज की आमसभा में सैकड़ों वैश्य, ब्राह्मण, राजपूत समाज सहित सवर्ण समाज के बंधु उपस्थित रहे। मंच संचालन महेश पाल सिंह एवं हेमेंद्र बोहरा ने किया। मंच से महेश पाल सिंह ने कहा कि शीघ्र ही सवर्ण समाज की आगामी बैठक बुलाई जाएगी।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

Madan Mohan Garg(Gangapur City)

नाम: मदन मोहन गर्ग

वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)

कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला

बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र

परिचय 

मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:

  • बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
  • एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)

Next Story