गंगापुर सिटी: रेलवे वर्किंग में बदलाव पर मजदूर संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने ट्रेनों के संचालन और चेकिंग स्टाफ के कार्यक्षेत्र को अन्य मंडलों में स्थानांतरित करने पर कड़ा विरोध जताया है।

गंगापुर सिटी। पश्चिम मध्य रेलवे में वर्किंग विट के साथ लगातार की जा रही छेड़छाड़ ने रेल कर्मचारियों के धैर्य का बांध तोड़ दिया है। वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने इस विसंगति के विरुद्ध कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि यह अनुचित हस्तक्षेप बंद नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब अपर मंडल रेल प्रबंधक ललित धुरंधर (कोटा) निरीक्षण हेतु गंगापुर सिटी पहुंचे। उनके आगमन पर संघ कार्यकर्ताओं ने सर्वप्रथम गंगापुर सिटी मुख्यालय की ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु उनका स्वागत व धन्यवाद किया, लेकिन इसके तुरंत बाद लॉबी परिसर में गंभीर समस्याओं का पुलिंदा रखते हुए उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
मंडल कोषाध्यक्ष डीके शर्मा ने तर्कसंगत तथ्यों के साथ प्रशासन का ध्यान खींचते हुए बताया कि विगत एक वर्ष से हॉलिडे स्पेशल के रूप में संचालित ट्रेन संख्या 01920 एवं 01919 का सफल संचालन गंगापुर सिटी मुख्यालय का क्रू कर रहा था। विडंबना यह है कि जैसे ही यह ट्रेन संख्या 20177 एवं 20178 के रूप में परमानेंट हुई, वैसे ही गंगापुर सिटी से आगरा कैंट एवं वापसी का वर्किंग अधिकार एक लोकल सर्कुलर के माध्यम से आगरा मंडल को सौंप दिया गया। इसी प्रकार, जो चेकिंग स्टाफ पूर्व में गंगापुर सिटी से कार्य कर रहा था, उनके स्थान पर अब आगरा कैंट के स्टाफ को आगरा से उदयपुर तक का संपूर्ण वर्किंग कार्यभार दे दिया गया है। संघ ने पुरजोर मांग की है कि पूर्व की भांति यह कार्य गंगापुर सिटी चेकिंग स्टाफ को ही मिलना चाहिए, क्योंकि आगरा डिवीजन का कार्यक्षेत्र मात्र 80 किलोमीटर है, जबकि शेष संपूर्ण हिस्सा पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत आता है। आगरा डिवीजन को यह वर्किंग देना न केवल तर्कहीन है, बल्कि पूर्णतः अन्यायपूर्ण भी है।
वर्किंग में इस सेंधमारी का सिलसिला यहीं नहीं थमा। डीके शर्मा ने बताया कि कुछ समय पूर्व ट्रेन संख्या 19109/10 का कार्यभार कोटा को दे दिया गया, वहीं ट्रेन संख्या 19721/22 का वर्किंग जो गंगापुर हेडक्वार्टर को मिला था, उसे भी पुनः कोटा स्थानांतरित कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, ट्रेन संख्या 09075DN, 09185DN, 09195DN एवं 09196UP, जिसका संचालन गंगापुर सिटी स्टाफ द्वारा किया जाता था, उसे रतलाम स्टाफ ने अपने कब्जे में ले लिया है। रेल प्रशासन द्वारा गंगापुर सिटी हेडक्वार्टर के माल गाड़ी लोको पायलटों को भी मनमाने ढंग से बुक कर प्रताड़ित किया जा रहा है। कर्मचारियों को गंगापुर से डुमरिया सेवर तक स्पेयर ले जाकर कोटा तक और मखोली रणथंभोर तक स्पेयर ले जाकर टूंडला तक गाड़ियां चलवाई जा रही हैं। हद तो तब हो जाती है जब 36 से 40 घंटे का विश्राम लेकर टूंडला से गाड़ी लाने वाले गंगापुर सिटी स्टाफ को मात्र 4 से 5 घंटे में ही ईदगाह में रिलीव करवा दिया जाता है और उसी गाड़ी में ईदगाह स्टाफ को बुक कर गंगापुर सिटी तक कार्य करवाया जाता है। मजदूर संघ ने इस पूरी कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताते हुए ज्ञापन सौंपा और मांग की कि गंगापुर सिटी मुख्यालय की गाड़ियों का वर्किंग आगरा एवं रतलाम मंडल को देना तुरंत बंद किया जाए। इस अवसर पर मंडल कोषाध्यक्ष डी के शर्मा, केंद्रीय सदस्य पीसी मीणा, शाखा अध्यक्ष आर डी मीना, यातायात सचिव शेर सिंह मीणा, भमर सिंह कठेरिया, दीवान सिंह, इमरान खान, कल्लू राम मीणा, योगेश गुप्ता, मुकेश मीणा, प्यार सिंह, सुमेर सिंह, गंगा सिंह, राकेश सिंह, राजेश शर्मा, रामकेश, रामगोपाल, हरपाल, सतीश, हरिमोहन, बाबूलाल, प्रेमराज एवं भामेश सहित भारी संख्या में रनिंग व चेकिंग स्टाफ उपस्थित रहा।

