गंगापुर सिटी: सांवरिया सेठ संग मायरा भरने निकलेंगे नरसी भगत, भक्ति और वैराग्य की बहेगी अविरल धारा
गंगापुर सिटी के विजय पैलेस में राष्ट्रीय कथावाचक गोविंद भैया जी द्वारा 'नरसी भगत नानी बाई को मायरो' कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। भक्ति और वैराग्य के मार्मिक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। शनिवार को बालाजी चौक से सांवरिया सेठ की भव्य शोभायात्रा और मायरा भरने का कार्यक्रम आयोजित होगा। जानिए नरसी भगत की भक्ति और अटूट विश्वास की पूरी गाथा।

गंगापुर सिटी। भक्ति, त्याग और अटूट विश्वास की पराकाष्ठा का जीवंत उदाहरण पेश करती 'नरसी भगत नानी बाई को मायरो' कथा के आयोजन ने समूचे गंगापुर सिटी को भक्तिमय कर दिया है। शहर के विजय पैलेस में आयोजित इस तीन दिवसीय आध्यात्मिक अनुष्ठान में राष्ट्रीय कथावाचक गोविंद भैया जी अपनी ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को ईश्वरीय प्रेम का रसास्वादन करा रहे हैं। कथा के दूसरे दिन नानी बाई के विवाह और विदाई के मार्मिक प्रसंगों ने पांडाल में मौजूद हर श्रद्धालु की आंखों को नम कर दिया।
कथा के दौरान आचार्य गोविंद भैया जी ने नरसी भगत के वैराग्य और उनकी अनन्य भक्ति का ऐसा वृत्तांत सुनाया कि श्रोता भाव-विभोर हो उठे। उन्होंने बताया कि किस प्रकार महादेव ने प्रसन्न होकर नरसी जी को महारास के दर्शन कराए और सांवरिया सेठ के चरणों की अनन्य भक्ति प्रदान की। कथा में उस क्षण भावुकता अपने चरम पर पहुंच गई जब नानी बाई को पीहर जाकर ज्ञात हुआ कि उनके भाई अब इस संसार में नहीं रहे। ऐसी विकट परिस्थिति में सांवरिया सेठ को अपना भाई मानकर उन्हें राखी बांधने का प्रसंग सुन श्रद्धालु एकाग्रचित्त होकर अश्रुधारा बहाने लगे। नरसी भगत द्वारा अपनी पुत्री को दिया गया यह सांत्वना संदेश कि "जिसका कोई भाई नहीं होता, उसका स्वयं सांवरिया होता है", समाज के लिए एक गहरी सीख दे गया।
आचार्य ने भगवान कृष्ण के प्रिय राग केदारा की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसी राग के बल पर ठाकुर जी दौड़े चले आते थे। नरसी भगत की परीक्षा के कठिन समय में जब उन्होंने आत्मसम्मान और भक्ति की रक्षा के लिए भगवान को पुकारा, तब सांवरिया ने प्रकट होकर अपने भक्त को कलंकित होने से बचाया। इस प्रसंग के माध्यम से आचार्य ने संदेश दिया कि परमात्मा को प्राप्त करना सरल नहीं है, इसके लिए पूर्ण समर्पण की आवश्यकता होती है।
आयोजन की गरिमा को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा। कथा आयोजक राधा मोहन गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार प्रातः 10:00 बजे बालाजी चौक से गाजे-बाजे के साथ भव्य मायरा शोभायात्रा प्रस्थान करेगी। मुख्य बाजार से होते हुए भगवान सांवरिया सेठ की मनमोहक झांकी के साथ यह यात्रा कथा स्थल विजय पैलेस पहुंचेगी। दोपहर 12:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक नानी बाई का मायरा कथा का मुख्य प्रसंग सुनाया जाएगा, जिसके पश्चात महाप्रसादी का वितरण होगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना है, बल्कि नरसी भगत के जीवन के माध्यम से समाज को धैर्य, विश्वास और ईश्वरीय सत्ता के प्रति अटूट आस्था की शिक्षा भी प्रदान कर रहा है।

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