गंगापुर सिटी: विजय पैलेस में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान 'गिरिराज धरण' की भव्य झांकी ने मोह लिया भक्तों का मन
गंगापुर सिटी के विजय पैलेस में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें पूतना वध, नामकरण संस्कार, माखन चोरी, कालिया नाग उद्धार और गोवर्धन पूजा जैसी लीलाओं ने भक्तों का मन मोह लिया। आयोजन में प्रहलाद गुप्ता और बिहारी गुप्ता मच्छीपुरा ने विशेष योगदान दिया।

गंगापुर सिटी। शहर के प्रमुख उत्सव स्थल विजय पैलेस में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की अद्भुत लीलाओं का जीवंत चित्रण देखने को मिला। कथा के विशेष सत्र में पूतना वध, नामकरण संस्कार, माखन चोरी, कालिया नाग उद्धार और गोवर्धन पूजा जैसी लीलाओं ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
कथा व्यास ने पूतना वध के प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया कि बाल रूप में भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षसी पूतना का उद्धार कर संसार को यह स्पष्ट किया कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, सत्य के सामने उसे झुकना ही पड़ता है। कथा में पूतना को हमारे भीतर के अहंकार और अविद्या का प्रतीक बताया गया।
महर्षि गर्गाचार्य द्वारा श्रीकृष्ण का नामकरण संस्कार सम्पन्न होने पर विजय पैलेस का प्रांगण "नंद के आनंद भयो" के गीतों से गूंज उठा। भक्तों ने नंदोत्सव की झांकी का आनंद लिया और एक-दूसरे को बधाई दी। कथावाचक ने समझाया कि 'कृष्ण' नाम मात्र लेने से जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं।
कथा में माखन चोरी की बाल लीलाओं ने भक्तों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। महाराज जी ने बताया कि भगवान केवल माखन ही नहीं, बल्कि अपने भक्तों के निर्मल हृदय को भी चुराते हैं। इसके उपरांत, यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कालिया नाग दमन की लीला का वर्णन किया गया। भक्तों ने कान्हा के नाग के फन पर नृत्य की झांकी का आनंद लिया।
गोवर्धन पूजा के अवसर पर विजय पैलेस में गिरिराज पर्वत का भव्य श्रृंगार किया गया। कथा में इंद्र का मान-मर्दन का प्रसंग सुनाकर यह सिखाया गया कि भगवान ने अपनी उंगली पर पर्वत उठाकर प्रकृति की पूजा का संदेश दिया। इसी अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग अर्पित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के पकवान और मिठाइयों का भोग शामिल था। भक्तों ने गिरिराज जी की सामूहिक आरती में भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया।
इस आयोजन में गंगापुर सिटी के विभिन्न वार्डों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्रहलाद गुप्ता और बिहारी गुप्ता मच्छीपुरा की ओर से कथा का आयोजन किया गया। आयोजन समिति ने बताया कि आगामी दिनों में कृष्ण-रुक्मिणी विवाह का भव्य प्रसंग भी सुनाया जाएगा। इस प्रकार विजय पैलेस में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ने न केवल धार्मिक उत्साह को बढ़ावा दिया बल्कि भक्तों के बीच भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम भी प्रस्तुत किया।
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Pratahkal Bureau
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