गंगापुर सिटी में नाला सफाई की जांच में गंभीर लापरवाही उजागर, ठेकेदार फर्म को नोटिस जारी
गंगापुर सिटी में नगर परिषद की जांच के दौरान नाला सफाई कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई। सैनी कंस्ट्रक्शन कंपनी पर तलछट सफाई, मलबा परिवहन और पर्याप्त मशीनरी नहीं लगाने के आरोप पाए गए। नगर परिषद ने नोटिस जारी कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

तस्वीर में गंगापुर सिटी में नाला सफाई कार्य के निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं।
गंगापुर सिटी में नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे नाला सफाई कार्य की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर ठेकेदार फर्म के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। नगर परिषद आयुक्त बृजेंद्र मीना के निर्देशानुसार गुरुवार को नगर परिषद क्षेत्र के नॉर्थ एवं साउथ जोन में संचालित नाला सफाई कार्य का भौतिक सत्यापन एवं प्रमाणीकरण किया गया।
गठित टीम ने साउथ जोन में ट्रक यूनियन रुक्मणी पैलेस से ईदगाह मोड़, अग्रवाल कॉलेज तथा मिर्जापुर-सवाई माधोपुर मार्ग तक नाला सफाई कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संवेदक फर्म सैनी कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा कई स्थानों पर नालों की तलछट की समुचित सफाई नहीं की गई। जिन स्थानों पर सफाई कराई गई, वहां भी फेरोकवर हटाकर सफाई नहीं कराई गई।
जांच में यह भी सामने आया कि नालों से निकली गाद, मिट्टी, मलबा और कचरे का समय पर उठाव एवं परिवहन नहीं किया गया। इसके कारण निकला हुआ मलबा दोबारा नालों में पहुंच गया, जिससे कई नाले अवरुद्ध पाए गए। टीम ने निरीक्षण के दौरान यह भी पाया कि ठेकेदार फर्म द्वारा कार्य के लिए पर्याप्त संसाधन एवं मशीनरी का उपयोग नहीं किया गया तथा निरीक्षण के समय फर्म का प्रतिनिधि भी मौके पर उपस्थित नहीं मिला।
इसके बाद ठेकेदार फर्म को तत्काल पर्याप्त संसाधन लगाकर सभी छोटे-बड़े नालों की तलछट की सफाई पूर्ण करने और निकले हुए मलबे का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कार्य में विलंब एवं लापरवाही को देखते हुए नियमानुसार शास्ति अधिरोपित करने के निर्देश भी जारी किए गए।
निरीक्षण के दौरान सहायक नगर नियोजक नरेश कुमार, कनिष्ठ अभियंता गुरदीप सिंह तथा कार्यालय सहायक मनमोहन दुबे उपस्थित रहे। नाला सफाई कार्य में सामने आई अनियमितताओं के बाद नगर परिषद द्वारा की गई यह कार्रवाई कार्य की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम मानी जा रही है।

