गंगापुर सिटी। समाज में व्याप्त दिखावे की संस्कृति और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के बीच गंगापुर सिटी से एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। गद्दियों का मिर्जापुर स्थित हाजी जमील खां अब्बासी फार्म हाउस पर गुरुवार को एक ऐसा निकाह संपन्न हुआ, जिसने सादगी और दहेज मुक्त विवाह का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी है। इस निकाह समारोह में दूल्हा और दुल्हन पक्ष से मात्र 15-15 लोग ही शामिल हुए।

निकाह की रस्म कारी यूसुफ ने अदा कराई। दूल्हे डॉ. वसीम खान, जो मूल रूप से कसोरायपाटन के निवासी हैं और वर्तमान में लाखेरी के सरकारी अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ने इस आयोजन में सादगी की अनूठी मिसाल कायम की। डॉ. वसीम खान ने पारंपरिक शेरवानी, कोट-पैंट अथवा सेहरा पहनने के बजाय सामान्य टी-शर्ट और पैंट में ही निकाह स्थल पर पहुंचकर दिखावे से दूरी बनाए रखी।

वहीं, दुल्हन एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखती हैं, लेकिन उन्होंने एम.कॉम एवं अंग्रेजी विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। समारोह के दौरान अब्बासी समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी जमील खां अब्बासी ने दूल्हे डॉ. वसीम खान, उनके पिता जाकिर खान और दुल्हन के पिता समीर खान का माला एवं साफा पहनाकर स्वागत किया।

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों ने बिना दहेज के संपन्न हुए इस विवाह की मुक्त कंठ से सराहना की। उपस्थित वक्ताओं ने एकमत होकर इसे मुस्लिम समाज सहित पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. वसीम खान द्वारा प्रस्तुत यह उदाहरण सामाजिक कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने और विवाहों में मितव्ययिता व सादगी को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।

Pratahkal Newsroom

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