गंगापुर सिटी। खेल मैदान की लाल मिट्टी पर जब जुनून और जज्बा टकराया, तो जीत का परचम दिशा क्रिकेट क्लब ने लहराया। स्थानीय हायर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान में आयोजित 'वर्धमान हॉस्पिटल सद्भावना क्रिकेट प्रतियोगिता' का समापन एक ऐतिहासिक और रोमांचक फाइनल मुकाबले के साथ हुआ। इस खिताबी भिड़ंत में दिशा क्रिकेट क्लब ने अपने सधे हुए खेल और रणनीतिक कौशल का परिचय देते हुए स्कूल शिक्षा परिवार को करारी शिकस्त दी और विजेता की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

मैच का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं 'टॉस के बॉस' विधायक रामकेश मीणा द्वारा मां शारदे के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। खेल की गरिमा को बनाए रखते हुए विधायक मीणा ने ही फाइनल का टॉस उछाला, जिसमें दिशा क्रिकेट क्लब के पक्ष में सिक्का गिरा। कप्तान ने परिस्थितियों को भांपते हुए पहले गेंदबाजी करने का साहसिक निर्णय लिया। दिशा क्रिकेट क्लब के गेंदबाजों ने अपने कप्तान के फैसले को सही साबित करने में तनिक भी देर नहीं की और शुरुआत से ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। सटीक लाइन और लेंथ का आलम यह था कि स्कूल शिक्षा परिवार के चार प्रमुख बल्लेबाज महज 18 रनों के योग पर ही पवेलियन लौट गए।

संकट की इस घड़ी में कादिर खान ने मोर्चा संभाला और 33 रनों की जुझारू पारी खेली, जबकि एंथोनी मार्टिन ने 16 रनों का योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत स्कूल शिक्षा परिवार ने गिरते-पड़ते 103 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। दिशा की ओर से रविन्द्र शर्मा ने घातक गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक 3 विकेट चटकाए। अनुशासन का परिचय देते हुए पूरी पारी में टीम ने केवल 3 रन अतिरिक्त खर्च किए।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिशा क्रिकेट क्लब की शुरुआत धमाकेदार रही। साजिद खान ने मैदान के चारों ओर चौकों-छक्कों की बरसात करते हुए नाबाद 58 रन ठोक दिए, वहीं शैलेंद्र पाराशर ने 27 रनों की संयमित पारी खेलकर जीत की राह आसान कर दी। दिशा क्रिकेट क्लब ने महज 11 ओवरों में ही इस लक्ष्य को हासिल कर जीत का जश्न मनाया। व्यक्तिगत उपलब्धियों के क्रम में नरेंद्र शर्मा को 'कैच ऑफ द मैच', रविंद्र शर्मा को 'बॉलर ऑफ द मैच', बबलू मीणा को 'सिक्स ऑफ द मैच' और बेहतरीन प्रदर्शन के लिए शैलेंद्र पाराशर को 'मैन ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया।

इस भव्य खेल आयोजन की सफलता के पीछे वर्धमान हॉस्पिटल सद्भावना क्रिकेट लीग के चेयरमैन डॉ. अनुज कुमार शर्मा, कार्यक्रम संयोजक गोविंद पाराशर, कुलदीप जैमिनी, लक्ष्मीकांत मीणा, मुकेश देहात, अब्दुल वहाब, कैलाश मीणा, महेंद्र मीणा (व्याख्याता), महेंद्र जैन, विष्णु गुप्ता, राजेश शर्मा, नीटू सिंह धाबाई, धर्मेंद्र मित्तल, धनश्याम गुप्ता, महेंद्र नापित और श्याम सुंदर शर्मा सेवा जैसे वरिष्ठ सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह आयोजन न केवल खेल भावना का प्रतीक बना, बल्कि शहर की खेल प्रतिभाओं को भी एक बेहतरीन मंच प्रदान कर गया।

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