गंगापुर सिटी। कला, संस्कृति और प्रतिभा के अनूठे संगम के साथ अग्रवाल कन्या महाविद्यालय में आयोजित अंतर कक्षीय सह-शैक्षणिक साहित्य एवं सांस्कृतिक सप्ताह का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। आयोजन के अंतिम दिन छात्राओं की सुरम्य प्रस्तुतियों और थिरकते कदमों ने पूरे परिसर को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया। गायन और नृत्य की विभिन्न विधाओं में छात्राओं ने अपनी छिपी हुई प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि दर्शक दीर्घा में मौजूद हर शख्स तालियां बजाने पर मजबूर हो गया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में आयोजित गायन, एकल नृत्य, युगल नृत्य और सामूहिक नृत्य प्रतियोगिताओं ने छात्राओं के कौशल को एक नया मंच प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव बाबूलाल गुप्ता ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियां केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये छात्राओं के सर्वांगीण बौद्धिक विकास का आधार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे मंचों के माध्यम से ही बेटियां अपनी अंतर्निहित प्रतिभा को पहचान कर उसे दुनिया के सामने लाने का साहस जुटा पाती हैं।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बृजेंद्र सिंह गुर्जर ने जानकारी दी कि प्रतियोगिताओं के दौरान छात्राओं ने देशभक्ति, आध्यात्मिक और लोकप्रिय फिल्मी गीतों पर अद्भुत लय-ताल और सुरों का परिचय दिया। राजस्थानी, मारवाड़ी और लोक गीतों पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियों ने राजस्थान की समृद्ध संस्कृति को जीवंत कर दिया। प्रतियोगिता के परिणामों में एकल नृत्य में बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की श्रद्धा शर्मा ने प्रथम और बी.एससी. प्रथम सेमेस्टर की पायल जांगिड़ ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। युगल नृत्य में बी.एससी. थर्ड सेमेस्टर की प्रियांशी दीक्षित व संजना अवस्थी की जोड़ी अव्वल रही, जबकि अभिलाषा जागा और कोमल जागा ने दूसरा स्थान हासिल किया। सामूहिक नृत्य में कुमकुम गोयल ग्रुप ने बाजी मारी और रानू कंवर ग्रुप दूसरे स्थान पर रहा। वहीं गायन में वर्षा चंदेल प्रथम तथा अलसिफा व कुमकुम गुप्ता संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रहीं।

इस भव्य आयोजन में निर्णायकों की महत्वपूर्ण भूमिका अग्रवाल महिला शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की व्याख्याता डॉ. शैली गुप्ता, डॉ. अलका शर्मा, सीमा गुप्ता, पवन जिंदल, चेतना अग्रवाल और पीजी व्याख्याता देवांग पाठक ने निभाई। कार्यक्रम का सफल संचालन और संयोजन व्याख्याता उमाकांत शुक्ला एवं सह-संयोजक जीवन सिंह द्वारा किया गया। इस सांस्कृतिक महाकुंभ की सफलता में प्रोफेसर संतोष मंगल, डॉ. प्रवीण कुमार, अंकित अग्रवाल, उदय सिंह, योगिता जैन, डॉ. अमित खंडेलवाल, संजय चौबे, मेघा गुप्ता, गजल गुप्ता, नवीन मित्तल, आदित्य, वेद प्रकाश गुप्ता, संतोष कुमार गुप्ता, गिर्राज सिंह, संजय अग्रवाल, संजय गोयल सहित समस्त स्टाफ सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। यह आयोजन न केवल छात्राओं की कलात्मक अभिव्यक्ति का गवाह बना, बल्कि इसने महाविद्यालय की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति समर्पण को भी रेखांकित किया।

Pratahkal Bureau

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