भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक संकल्प की 15 दिवसीय गौरवशाली यात्रा पूर्ण कर गंगापुर सिटी के 100 श्रद्धालुओं का जत्था सोमवार को सकुशल स्वदेश लौटा। नगर की सीमा में प्रवेश करते ही संपूर्ण वातावरण धार्मिक जयकारों और उत्साह से सराबोर हो गया। यात्रा की सफल पूर्णता पर सभी श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम स्थानीय नरसिंह मंदिर पहुंचकर भगवान के चरणों में शीश नवाया और यात्रा की निर्विघ्न संपन्नता के लिए कृतज्ञता प्रकट की। मंदिर परिसर में आयोजित भव्य स्वागत समारोह के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज, मंत्रोच्चार और भारी पुष्पवर्षा के बीच परिजनों एवं धर्मप्रेमियों ने यात्रियों का भावभीनी अभिनंदन किया।

बस यात्रा संयोजक जितेंद्र जैमिनी के कुशल सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के अंतर्गत श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड के दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में स्थित चारों प्रमुख धामों की वंदना की। यात्रा का शुभारंभ यमुनोत्री धाम से हुआ, जहां मां यमुना की विशेष पूजा-अर्चना की गई। तत्पश्चात, गंगोत्री धाम में मां गंगा के पावन उद्गम स्थल पर स्नान एवं पूजन कर यात्रियों ने केदारनाथ धाम की ओर प्रस्थान किया। हिमालय की गोद में विराजमान भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने असीम ऊर्जा प्राप्त की और अंत में भगवान बद्रीनारायण के धाम बद्रीनाथ पहुंचकर विश्व कल्याण एवं सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।

मुख्य चारधामों के अतिरिक्त, इस जत्थे ने हरिद्वार और ऋषिकेश के पावन गंगा तटों पर विभिन्न धार्मिक संस्कारों में सहभागिता की। यात्रा के विस्तार में मथुरा और वृंदावन की कुंज गलियों में श्रीकृष्ण की लीलास्थलियों के दर्शन सहित बालाजी धाम एवं अन्य प्रमुख तीर्थों पर भी श्रद्धा निवेदित की गई। यात्रियों ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए पर्वतीय क्षेत्रों की नैसर्गिक सुंदरता और तीर्थों की दिव्यता को अविस्मरणीय बताया। यात्रा दल में महेश शर्मा, मोहन शर्मा, गिर्राज शर्मा, लक्ष्मीकांत शर्मा, उमा देवी, कल्पना, उर्मिला, नीतू, राधा देवी, इंद्रा देवी और रुक्मणी देवी सहित कुल 100 धर्मप्रेमी सम्मिलित थे, जिनके चेहरों पर आत्मिक संतोष और आध्यात्मिक तेज स्पष्ट झलक रहा था।

नरसिंह मंदिर में आयोजित इस मिलन समारोह में श्रद्धालुओं ने यात्रा संयोजक जितेंद्र जैमिनी एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं के अनुसार, यह यात्रा मात्र एक भ्रमण नहीं बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का पुंज है। नगरवासियों द्वारा किए गए इस भव्य अभिनंदन ने यात्रा की स्मृतियों को और अधिक प्रगाढ़ बना दिया है। पूरे आयोजन के दौरान गंगापुर सिटी में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा, जो सामुदायिक एकता और सनातन धर्म के प्रति अटूट आस्था को रेखांकित करता है।

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